28 जुलाई 2026। सहकारिता मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में मंगलवार को नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित (अपेक्स बैंक) के सभाकक्ष में सहकारिता विभाग की एक महत्वपूर्ण एवं उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई।
बैठक में विभाग की 16 प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं और मैदानी स्तर पर उनके क्रियान्वयन की बिन्दुवार समीक्षा की गई। मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) के माध्यम से प्रदेश के अंतिम किसान तक सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना ही सरकार का मुख्य ध्येय है।
समीक्षा बैठक के प्रमुख निर्देश व निर्णय
1. दुग्ध व मत्स्य सोसाइटियों को प्रोत्साहन:
प्रदेश में डेयरी और मत्स्य समितियों को सक्रिय करने के कड़े निर्देश दिए गए। दुग्ध सोसाइटियों को नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के साथ एमओयू (MoU) के तहत कार्ययोजना बनाकर दुग्ध उत्पादन व प्रसंस्करण करने को कहा गया।
2. शत-प्रतिशत पैक्स कंप्यूटरीकरण:
पैक्स (PACS) के 100% कंप्यूटराइजेशन और ऑडिट प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया गया ताकि वित्तीय पारदर्शिता बनी रहे।
3. कृषि ऋण वितरण लक्ष्य (₹8800 करोड़):
चालू खरीफ सीजन 2026 के लिए 8800 करोड़ रुपये का कृषि ऋण वितरण लक्ष्य तय किया गया है। इसके विरुद्ध अब तक 14 लाख से अधिक किसानों को 6932 करोड़ रुपये (79%) का ऋण बांटा जा चुका है। अधिकारियों को शेष 21% ऋण जल्द वितरित कर शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने की हिदायत दी गई।
4. डिजिटल बैंकिंग व गोदाम निर्माण:
ग्रामीण क्षेत्रों में कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) व माइक्रो एटीएम बढ़ाने पर बल दिया गया। आरआईडीएफ (RIDF) योजना के तहत स्वीकृत 725 में से 712 गोदामों का निर्माण पूर्ण हो चुका है; शेष 13 गोदामों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।
5. धान उपार्जन व प्रशासनिक कसावट:
उपार्जन केंद्रों में शेष बचे धान का पारदर्शी निराकरण करने, सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों को त्वरित निपटाने और विभागीय कार्यालयों में ई-ऑफिस व उपस्थिति प्रणाली को अनिवार्य करने के आदेश दिए गए।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
बैठक में सहकारिता विभाग के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, सहकारिता आयुक्त व पंजीयक रमेश शर्मा, मार्कफेड एमडी जितेंद्र शुक्ला, अपैक्स बैंक प्रबंध संचालक के.एन. कांडे, अपर पंजीयक यू.बी.एस. राठिया, अपर पंजीयक सावित्री भगत सहित सभी जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के सीईओ व संभागीय अधिकारी मौजूद रहे।