बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में सड़क निर्माण में देरी से नाराज ग्रामीणों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। भैसबोड़ गांव में 16 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत सड़क का निर्माण कार्य करीब एक वर्ष बाद भी शुरू नहीं होने पर ग्रामीणों ने सड़क के बीचों-बीच धान की रोपाई कर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण ट्रैक्टर लेकर मौके पर पहुंचे और खराब सड़क पर धान रोपकर अपनी नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण की स्वीकृति मिलने के बावजूद काम शुरू नहीं हुआ, जिससे बारिश के मौसम में आवागमन बेहद कठिन हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार, जर्जर सड़क के कारण स्कूली बच्चों, किसानों और आम लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत करने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।