रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ सरकार के पिछले ढाई वर्षों के कार्यकाल में जनकल्याण और विकास से जुड़े कई फैसलों को जमीन पर उतारने का दावा किया गया है। सरकार का फोकस महिलाओं, किसानों, गरीब परिवारों, युवाओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ प्रशासनिक पारदर्शिता और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर रहा है।
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर
सरकार की योजनाओं में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। महतारी वंदन योजना के जरिए पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है। वहीं स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण महिलाओं को आजीविका के विभिन्न साधनों से जोड़कर उन्हें लखपति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए स्वरोजगार, कौशल विकास और छोटे व्यवसायों से जुड़ने के अवसरों को बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। इससे ग्रामीण स्तर पर महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।
किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सहारा
सरकार ने किसानों के लिए कृषि क्षेत्र से जुड़े फैसलों और योजनाओं को प्राथमिकता दी है। खेती के साथ फसल विविधीकरण, आधुनिक कृषि तकनीक और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। उद्देश्य किसानों की आय के स्रोतों को बढ़ाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अधिक मजबूत बनाना है।
सुशासन और पारदर्शिता पर फोकस
पिछले ढाई वर्षों में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने पर भी जोर दिया गया है। डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल, योजनाओं की निगरानी और शिकायतों के त्वरित निराकरण जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत करने का प्रयास किया गया है। सरकार का दावा है कि इससे आम लोगों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच बेहतर हुई है।
बुनियादी ढांचे और विकास को मिली गति
सड़क, आवास, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को भी विकास एजेंडे में प्रमुख स्थान दिया गया है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में विकास योजनाओं को पहुंचाने के साथ कमजोर वर्गों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर ध्यान दिया गया है।
जनकल्याण से विकास की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़
सरकार के अनुसार पिछले ढाई वर्षों में लिए गए फैसलों का उद्देश्य केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उनका प्रभाव लोगों के जीवन में दिखाई देना है। महिला सशक्तिकरण, किसान कल्याण, रोजगार, ग्रामीण विकास और सुशासन को साथ लेकर आगे बढ़ने की रणनीति के जरिए छत्तीसगढ़ को विकास की नई दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है।