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पूर्व संसदीय सचिव एवं छाया सांसद विकास उपाध्याय के नेतृत्व में पुनः कांग्रेसजनों ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के जीएम तरूण प्रकाश को सौंपा ज्ञापन

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लगातार ट्रेनें जो रद्द हो रही हैं तथा जो ट्रेनें विलंब से चल रही हैं उस पर हुई चर्चा

शिवानंद नगर में होटल पैराडाईज़ से डब्ल्यूआरएस की ओर जाने वाले रेलवे ट्रैक पर अण्डर ग्राउण्ड ब्रिज निर्माण कराने की मांग

तेलघानी नाका से प्लेटफाॅर्म-07 तक निर्माणाधीन कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है, जिसे शीघ्र पूर्ण कराने की मांग

रेलवे की जमीन को लगातार भू-माफियाओं द्वारा कब्जा किया जा रहा है इस पर कड़ी कार्यवाही की मांग

रायपुर से उज्जैन, इंदौर, बैंगलोर, अयोध्या तक के लिए नये ट्रेनों की मांग

सरोना रायपुर रेलवे स्टेशन को जल्द से जल्द विस्तार करने की मांग

भवानी नगर कोटा अण्डर ब्रिज निर्माण कराने की मांग - विकास उपाध्याय


रायपुर (छत्तीसगढ़) दिनांक 09.05.2026। पूर्व संसदीय सचिव एवं छाया सांसद विकास उपाध्याय के नेतृत्व में कांग्रेसजनों ने आज रायपुर में पधारे दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरूण प्रकाश को पुनः छत्तीसगढ़ के जनहित में रेलवे संबंधित मांग को पूर्ण करने एक ज्ञापन सौंपा। उपाध्याय ने बताया कि दस माह पूर्व भी ज्ञापन सौंपा गया था जिसमें रायपुर से हरिद्वार ट्रेन को प्रारंभ करने पर उन्होंने जीएम को धन्यवाद कहा लेकिन उस ट्रेन को सिर्फ सीजन पर ही चलाया जा रहा है जिसे ज्ञापन के माध्यम से संज्ञान में लाया गया और जनता के मांग अनुरूप इस ट्रेन को नियमित रूप से चलाये जाने की मांग की तथा अन्य विभिन्न मांगे भी उनके समक्ष रखी गईं, जिसमें छत्तीसगढ़ के जनहित को लेकर रेलवे से संबंधित मांगें एवं सुझाव उपाध्याय ने लिखे हैं जैसे कि सीएसआर फंड से बने पब्लिक टॉयलेट अनुपयोगी:- रेलवे जोन के अंतर्गत रायपुर, सरोना और तिल्दा-भाटापारा स्टेशनों में सीएसआर फंड से बनाए गए बड़े पब्लिक टॉयलेट्स का उपयोग आम लोग नहीं कर पा रहे हैं। लाखों खर्च के बावजूद यात्रियों को इसका उचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। उपाध्याय ने शिवानंद नगर में होटल पैराडाईज़ से डब्ल्यूआरएस की ओर जाने वाले रेलवे ट्रैक पर अण्डर ग्राउण्ड ब्रिज निर्माण कराने कराने की मांग की है यहाँ अधिकतर वाहनों के जाम से आम जनता काफी ज्यादा परेशान रहती है।


उपाध्याय ने आगे लिखा कि शॉर्टकट मार्ग बना सरस्वती नगर स्टेशन का प्लेटफॉर्म:- रायपुर रेल मंडल के सरस्वती नगर स्टेशन का प्लेटफॉर्म इन दिनों आम लोगों के लिए शॉर्टकट मार्ग बन गया है। स्थिति यह है कि रोजाना हजारों वाहन प्लेटफॉर्म के ऊपर से गुजर रहे हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं और हादसे का अंदेशा बना रहता है। जनरल कोच के पास ‘‘जनता खाना’’ के स्टॉल लगाने का सुझाव:- इन दिनों गर्मी की छुट्टियों के कारण ट्रेनों में भारी भीड़ चल रही है, जिससे जनरल कोच के यात्री खाने-पीने का सामान लेने बाहर नहीं निकल पाते। रेलवे को सुझाव है कि गोंदिया स्टेशन की तर्ज पर प्लेटफॉर्म पर जनरल कोच के ठीक बाहर स्टॉल लगाकर ‘‘जनता खाना’’ बेचा जाए, ताकि यात्री खिड़की से ही आसानी से खाना खरीद सकें। स्टेशन परिसर में अवैध पार्किंग से परेशानी:- रायपुर रेलवे स्टेशन में री-डेवलपमेंट कार्य के चलते स्टेशन परिसर में जो जगह खाली है, वहां अब अवैध पार्किंग शुरू हो गई है। बेतरतीब खड़े वाहनों की वजह से अपने परिजनों को स्टेशन छोड़ने पहुंचने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।


गर्मी से राहत के लिए सभी प्लेटफॉर्म पर लगे फुहारे:- वर्तमान में रायपुर रेलवे स्टेशन के सिर्फ प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर यात्रियों को गर्मी से राहत दिलाने के लिए वाटर स्प्रिंकलर (फुहारे) की सुविधा उपलब्ध है। यात्रियों की मांग है कि भीषण गर्मी को देखते हुए यह सुविधा सभी प्लेटफॉर्म पर दी जाए या फिर दोपहर के वक्त आने वाली सभी लंबी दूरी की ट्रेनों को प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर ही लिया जाए। एटीवीएम मशीनों की कमी, यात्री परेशान:- बीते 5 सालों में रायपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के आवागमन की संख्या दोगुनी हो चुकी है, लेकिन ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनों (टिकट एटीएम) की संख्या अब भी काफी कम है। यहां लगी मशीनों में से दो मशीनें अक्सर खराब ही रहती हैं, जिससे यात्रियों को लंबी कतारों में लगना पड़ता है। यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन पर तत्काल इन मशीनों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए और कई लोगों को इसके संचालन की जानकारी नहीं होती है जानकारी देने के लिये एक व्यक्ति हमेशा उपस्थित रहना आवश्यक है।


विकास उपाध्याय ने छोटे हॉल्ट स्टेशनों पर पानी का अभाव और सुरक्षा को खतरा बताया उन्होंने कहा कि रायपुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले सरस्वती नगर और डब्ल्यूआरएस जैसे छोटे हॉल्ट स्टेशनों पर पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का भारी अभाव है। इसके अलावा, रात के वक्त इन स्टेशनों पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा खतरे में रहती है। रेलवे को चाहिए कि वह स्थानीय प्रशासन की मदद से यहां रात के समय नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित करे। साथ ही, यात्रियों की परेशानी को देखते हुए इन हॉल्ट स्टेशनों पर जरूरी बुनियादी सुविधाओं का भी जल्द से जल्द विस्तार किया जाए। अमृत भारत मिशन के जरिए स्टेशन में डेवलपमेंट का काम धीमा है। रायपुर समेत सरोना और मंदिर हसौद स्टेशन का काम भी 3 साल में पूरा नहीं हुआ। छत्तीसगढ़ में रेल परियोजना के अंतर्गत अभी ‘‘रेल क्रांति’’ का नाम चलन में है क्योंकि वर्तमान बजट में छत्तीसगढ़ राज्य को 7470 करोड़ रू. मिले हैं, जिसमें से 51080 करोड़ रू. से भी अधिक की 26 से ज्यादा परियोजनाएं चल रही हैं, उसके पश्चात् भी छत्तीसगढ़ में रेल सुविधा, स्टेशन सुविधा व जन सुविधा का अत्यधिक अभाव है। रावघाट परियोजना के अंतर्गत जो दल्लीराजहरा-रावघाट लाईन बस्तर को रेल से जोड़ेगी जिसका कार्य दिसंबर 2025 तक पूर्ण हो जाना था किंतु आज तक अपूर्ण है।


उपाध्याय ने रायपुर राजधानी जैसी जगह से अम्बिकापुर जैसे दूर क्षेत्र के लिए भी सिफारिश की है कि वर्तमान में सिर्फ एक दुर्ग-अम्बिकापुर ट्रेन है जो लम्बी दूरी तय करती है, ऐसे दूरस्थ क्षेत्रों के लिए ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाए। लोकल ट्रेनों में सुरक्षा का बुरा हाल है। नशाखोरी, नशेड़ियों का आतंक, यात्रियों से मोबाइल छीनने की घटनाओं पर रोक लगाई जाए। लोकल ट्रेनों की 

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