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Chhattisgarh Millet Mission: स्कूलों के मध्यान्ह भोजन और आंगनबाड़ियों के पोषण आहार में शामिल हो सकते हैं कोदो-कुटकी और रागी

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रायपुर, 14 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में मिलेट फसलों के उत्पादन, उपार्जन और उपयोग को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से पहल की जा रही है। इसी कड़ी में मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। इसमें कोदो, कुटकी, रागी और मक्का के उपार्जन, फसल विविधीकरण तथा किसानों को इन फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।

स्कूलों और आंगनबाड़ियों के पोषण आहार पर चर्चा

बैठक में मिलेट्स की आवश्यकता, उपार्जन और उपयोग को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। चर्चा के दौरान स्कूलों में मध्यान्ह भोजन योजना तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के पोषण आहार कार्यक्रमों में इन कृषि उत्पादों को शामिल करने की संभावनाओं पर भी बात हुई। इसके तहत आंगनबाड़ियों के माध्यम से वितरित किए जाने वाले पोषण आहार में मिलेट्स के उपयोग पर चर्चा की गई।

किसानों को प्रोत्साहित करने और फसल विविधीकरण पर जोर
बैठक में कोदो, कुटकी, रागी और मक्का जैसी फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने तथा इनके उपार्जन की व्यवस्था से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। फसल विविधीकरण के माध्यम से किसानों को विभिन्न कृषि फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करना भी बैठक के प्रमुख विषयों में शामिल रहा। मिलेट्स के उपयोग को स्कूलों और आंगनबाड़ियों के पोषण कार्यक्रमों से जोड़ने पर भी विचार किया गया।
कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्यमंत्री एवं ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, वित्त एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले तथा कृषि एवं किसान कल्याण और जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

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