रायपुर: छत्तीसगढ़ में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित विकसित भारत जी राम जी (VB-G RAM G) योजना के तकनीकी सहायकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राजधानी रायपुर में राज्य स्तरीय हड़ताल शुरू कर दी है। प्रदेशभर से पहुंचे सैकड़ों कर्मचारी नया रायपुर के तुता धरना स्थल पर एकजुट होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारियों की मुख्य मांग लंबे समय से लंबित उनका नियमितीकरण है, जिसे लेकर शासन-प्रशासन के खिलाफ उनका गुस्सा साफ तौर पर देखने को मिल रहा है।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने मीडिया से बातचीत में बताया कि इससे पहले उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में तीन दिवसीय जिला स्तरीय हड़ताल भी की थी, लेकिन इसके बावजूद उनकी समस्याओं पर कोई ठोस सुनवाई नहीं हुई। जिला स्तर पर अपनी बात अनसुनी होने के बाद मजबूरन उन्हें राज्य स्तर पर यह कड़ा कदम उठाना पड़ा है। कर्मचारियों ने दो-टूक चेतावनी दी है कि यदि इस राज्य स्तरीय प्रदर्शन के बाद भी सरकार द्वारा उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है, तो वे आगामी दिनों में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
कर्मचारियों का मुख्य आरोप है कि पूर्व में सरकार द्वारा उनके नियमितीकरण को लेकर कई वादे किए गए थे, लेकिन धरातल पर अब तक उन वादों को पूरा नहीं किया गया है। संविदा और मानदेय पर काम करने वाले इन तकनीकी सहायकों का कहना है कि वे वर्षों से पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन भविष्य की अनिश्चितता के कारण उनके परिवारों में चिंता का माहौल बना हुआ है। वे चाहते हैं कि सरकार बिना किसी और देरी के उनके नियमितीकरण का रास्ता साफ करे।
इस राज्य स्तरीय हड़ताल के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों और तकनीकी मूल्यांकन के कामों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। तकनीकी सहायकों का यह संगठन लंबे समय से अपनी सेवा शर्तों में सुधार और जॉब सिक्योरिटी की मांग को लेकर संघर्ष कर रहा है। उनका कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक उनका यह आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।
दूसरी ओर, प्रशासनिक स्तर पर कर्मचारियों के इस प्रदर्शन पर पैनी नजर रखी जा रही है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारी स्थिति को संभालने और कर्मचारियों के साथ चर्चा के माध्यम से बीच का रास्ता निकालने के प्रयास कर सकते हैं। हालांकि, कर्मचारियों के अड़ियल रुख को देखते हुए आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है, जिससे शासन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
तुता धरना स्थल पर गूंज रहे नारों और भाषणों के बीच हड़कारी कर्मचारियों ने एक बार फिर दोहराया कि वे अपने हक की लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार हैं। सरकार की प्रतिक्रिया पर ही इस बात का निर्णय निर्भर करेगा कि आंदोलन समाप्त होता है या आने वाले समय में यह और अधिक व्यापक रूप लेता है। फिलहाल राजधानी में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया है।