छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से पुलिस विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक मामला सामने आया है। अंबिकापुर के प्रतीक्षा बस स्टैंड के पास का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें खाकी और वर्दी की गरिमा को ताक पर रखकर एक सहायक उप निरीक्षक (ASI) और एक आरक्षक (Constable) शराब के नशे में पूरी तरह धुत सड़क किनारे अचेत पड़े नजर आ रहे हैं। सबसे बड़ी हैरानी की बात यह है कि उनकी सुरक्षा में दी गई सरकारी इंसास राइफल भी बिल्कुल लावारिस हालत में उनके पास ही पड़ी हुई थी, जो पुलिस प्रशासन की घोर लापरवाही को उजागर करती है।
दुर्ग जिले से कैदी छोड़ने आए थेकर्मी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ये दोनों पुलिसकर्मी मूल रूप से दुर्ग जिले में पदस्थ बताए जा रहे हैं। वे किसी कैदी को दुर्ग से लाकर अंबिकापुर सेंट्रल जेल में शिफ्ट करने के लिए आए थे। कैदी को सुपुर्द करने के बाद अपनी वापसी या ड्यूटी के दौरान दोनों ने इतनी अधिक मात्रा में शराब पी ली कि वे सार्वजनिक स्थान पर अपनी सुधबुध खो बैठे और चित पड़े मिले।
वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया सख्त संज्ञान
जब स्थानीय नागरिकों ने दोनों पुलिसकर्मियों को इस हालत में देखा, तो उन्होंने तुरंत इसकी सूचना बस स्टैंड चौकी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और लावारिस हालत में पड़े इंसास राइफल को अपने कब्जे में लिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले का कड़ा संज्ञान लिया है, और दोनों लापरवाह कर्मियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई तय मानी जा रही है।