छत्तीसगढ़ में ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric) के वाहनों से जुड़ी बड़ी लापरवाही सामने आई है, जिसे लेकर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। कंपनी के स्तर पर लगभग 3,000 वाहनों का पंजीयन (Registration) लंबे समय से लंबित है। इसके अलावा, बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए निर्धारित 'ईवी सब्सिडी' के आवेदन भी संबंधित पोर्टल पर प्रस्तुत नहीं किए गए हैं, जिसके कारण वाहन स्वामियों को शासन की इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ मिलने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
लापरवाही पर परिवहन विभाग सख्त
परिवहन आयुक्त कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कंपनी द्वारा इन मामलों में अपेक्षित कार्रवाई न करने और पंजीयन व सब्सिडी से जुड़ी प्रक्रियाओं में ढिलाई बरतने को विभाग ने बेहद गंभीरता से लिया है। इसे ध्यान में रखते हुए मोटरयान अधिनियम, 1988 के प्रावधानों के तहत ओला इलेक्ट्रिक कंपनी को आधिकारिक नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
संतोषजनक जवाब न मिलने पर होगी कड़ी कार्रवाई
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वाहन पंजीयन और सब्सिडी जैसी प्रक्रियाओं का समय पर पालन होना अनिवार्य है, ताकि आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और पात्र हितग्राहियों को समय पर सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। विभाग द्वारा कंपनी को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं। तय अवधि में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने या नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कंपनी के खिलाफ नियमानुसार सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।