Raipur News: रायपुर के हरिहर हाई स्कूल मैदान में आयोजित 'सुशासन तिहार अभियान' के समाधान शिविर में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब नवनिर्वाचित सांसद बृजमोहन अग्रवाल अपने पुराने और चिरपरिचित कड़े तेवर में नजर आए। शिविर का औचक निरीक्षण करने पहुंचे सांसद ने जब विभिन्न सरकारी विभागों के स्टॉलों की समीक्षा की, तो अफसरों की लापरवाही देखकर उनका पारा चढ़ गया। जनता की समस्याओं को लेकर उन्होंने अधिकारियों की क्लास लगा दी और कड़े लहजे में दो टूक हिदायत दी, जिसे देखकर वहां मौजूद आम जनता ने जमकर तालियां बजाईं।
निरीक्षण के दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने जब शिक्षा विभाग के स्टॉल और फाइलों को देखा, तो वे भड़क गए। क्षेत्र की शिक्षण संस्थाओं में मूलभूत सुविधाओं (जैसे बिजली, पानी और शौचालय) की भारी कमी पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। संबंधित अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए सांसद ने मौके पर ही जवाब-तलब किया। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि बच्चों की शिक्षा और उनके भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लेती-देती या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो अफसर काम नहीं करना चाहते, वे अपनी जगह बदल लें।
सांसद के इस कड़े रुख और ऑन-द-स्पॉट फैसले ने शिविर में मौजूद आम लोगों का दिल जीत लिया। जैसे ही बृजमोहन अग्रवाल ने जनता के सामने अफसरों को फटकार लगाई, पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। लोगों ने कहा, "सांसद हो तो बृजमोहन जैसा, जो सीधे अधिकारियों की जवाबदेही तय करता है।" इस समाधान शिविर का मुख्य उद्देश्य जनता की समस्याओं का मौके पर ही निपटारा करना है, और सांसद की इस सख्ती के बाद अब सुस्त पड़े प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।