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परियोजना फर्जीवाड़ा: ₹56 लाख की जमीन का ₹9.83 करोड़ मुआवजा डकारने वाला मुख्य आरोपी जय प्रकाश गांधी गिरफ्तार

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CG News- भारतमाला परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण मुआवजा वितरण में हुए करोड़ों रुपये के कथित फर्जीवाड़े और भारी वित्तीय अनियमितता के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। ईडी की रायपुर जोनल कार्यालय की टीम ने इस बहुचर्चित घोटाले के मुख्य आरोपी और अभनपुर निवासी जय प्रकाश गांधी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई 3 जून 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत की है, जिसके बाद से इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों में हड़कंप मच गया है।

इस पूरे मामले में जो सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, वह मुआवजे की रकम को लेकर है। जांच के मुताबिक, जिस जमीन का वास्तविक बाजार मूल्य महज ₹56 लाख रुपये था, उसके लिए भू-अधिग्रहण अधिकारियों और बिचौलियों की मिलीभगत से रिकॉर्ड में हेरफेर करके ₹9.83 करोड़ रुपये का भारी-भरकम भुगतान करा लिया गया। सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का चूना लगाने वाले इस सुनियोजित खेल में जय प्रकाश गांधी की भूमिका बेहद मुख्य और संदिग्ध पाई गई थी, जिसके बाद ईडी लगातार उसके वित्तीय लेन-देन और बैंक खातों को खंगाल रही थी।

प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों के अनुसार, इस घोटाले की जड़ें काफी गहरी हैं और इसमें कुछ स्थानीय राजस्व अधिकारियों तथा प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता से भी इनकार नहीं किया जा सकता। अधिकारियों ने आरोपी से पूछताछ के बाद कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य और बैंक दस्तावेजों को भी अपने कब्जे में लिया है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध राशि को कहां-कहां डाल या निवेश किया गया था। फिलहाल, मुख्य आरोपी को विशेष अदालत में पेश करने की तैयारी की जा रही है, जहां ईडी मामले की तह तक जाने के लिए उसकी रिमांड की मांग करेगी।

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