CG RERA Strict Action News: छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (CG RERA) ने रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता लाने और घर खरीदारों (आवंटितियों) के हितों की सुरक्षा के लिए अब तक की सबसे बड़ी और कड़ी कार्रवाई की है। सीजीरेरा ने रेरा अधिनियम के नियमों की अनदेखी करने वाले 595 प्रमोटर्स (बिल्डर्स) के खिलाफ शिकंजा कसते हुए उनके 989 पूर्ण हो चुके प्रोजेक्ट्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन सभी प्रोजेक्ट्स को पूर्णता प्रमाण पत्र (Completion Certificate) तो मिल चुका है, लेकिन बिल्डर्स ने अब तक नियमानुसार आगे की कागजी और व्यावहारिक प्रक्रिया पूरी नहीं की है।
पूर्णता प्रमाण पत्र मिलने के बाद भी नहीं सौंपी कमान
प्राधिकरण द्वारा की गई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि राज्य में कई आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाएं पूरी होने या पजेशन (अधिभोग) दिए जाने के सालों बाद भी प्रमोटर्स ने आवंटितियों के हितों की सुध नहीं ली:
सोसायटी गठन में देरी: बिल्डर्स ने रेरा नियमों के तहत खरीदारों की आधिकारिक सोसायटी या वेलफेयर एसोसिएशन का गठन सुनिश्चित नहीं कराया।
कॉमन एरिया पर कब्जा: नियमों के मुताबिक प्रोजेक्ट पूरा होते ही कॉमन एरिया (जैसे- गार्डन, क्लब हाउस, लिफ्ट, कॉरिडोर, पार्किंग) और उससे जुड़े तमाम तकनीकी व कानूनी दस्तावेज सोसायटी को सौंपने होते हैं, लेकिन प्रमोटर्स ने इनका विधिवत हस्तांतरण नहीं किया और न ही प्रबंधन की कमान सौंपी।
इन धाराओं के तहत नोटिस: इसे रेरा अधिनियम, 2016 की धारा 11(4)(e) एवं धारा 17 का सीधा उल्लंघन मानते हुए सीजीरेरा ने सख्त रुख अख्तियार किया है।
आवंटितियों के लिए भी रेरा ने तय किए हैं वैधानिक कर्तव्य
सीजीरेरा ने इस कार्रवाई के साथ ही आम उपभोक्ताओं और घर खरीदारों के लिए भी एक महत्वपूर्ण गाइडलाइन जारी की है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि रेरा कानून केवल बिल्डर्स पर ही नहीं, बल्कि आवंटितियों पर भी जिम्मेदारी तय करता है:
धारा 19(9) का हवाला: रेरा अधिनियम की धारा 19(9) के अनुसार, हर एक आवंटी (खरीदार) का यह कानूनी कर्तव्य है कि जब भी उनके प्रोजेक्ट में सोसायटी, एसोसिएशन या सहकारी समिति के गठन की प्रक्रिया शुरू हो, तो वे उसमें सक्रिय रूप से भाग लें।
सहयोग की अपील: सीजीरेरा ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने अधिकारों को जानने के साथ-साथ इन वैधानिक दायित्वों के प्रति भी जागरूक रहें और बिल्डर द्वारा हैंडओवर (हस्तांतरण) की प्रक्रिया शुरू करने पर उसमें पूरा सहयोग करें।
15 दिनों के भीतर देना होगा जवाब, वरना दर्ज होगा केस
प्राधिकरण द्वारा जारी किए गए इस कड़े नोटिस में सभी संबंधित 595 प्रमोटर्स को 15 दिनों के भीतर लिखित में यह स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं कि अधिनियम के अनिवार्य प्रावधानों के अनुरूप अब तक आवश्यक कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
रेरा की दो टूक चेतावनी: यदि तय किए गए 15 दिनों के भीतर किसी भी प्रमोटर द्वारा जवाब प्रस्तुत नहीं किया जाता है या उनका उत्तर संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो संबंधित प्रमोटर्स के विरुद्ध रेरा अधिनियम, 2016 के कड़े प्रावधानों के तहत औपचारिक प्रकरण (केस) दर्ज कर भारी जुर्माने और दंडात्मक कार्रवाई की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
सीजीरेरा ने साफ तौर पर कहा है कि रेरा का उद्देश्य केवल नए रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स का रजिस्ट्रेशन करना नहीं है, बल्कि प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद भी ग्राहकों के अधिकारों की रक्षा, पारदर्शिता, जवाबदेही और एक सुशासित रियल एस्टेट व्यवस्था सुनिश्चित करना है। कॉमन एरिया का समय पर हस्तांतरण उपभोक्ता हितों के संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।