CM Vishnu Deo Sai Division Review Meeting News: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कृषि और ग्रामीण विकास को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कसावट लाना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री साय ने गरियाबंद जिला पंचायत कार्यालय के सभाकक्ष में रायपुर संभाग के सभी जिलों की एक महत्वपूर्ण संभागीय समीक्षा बैठक ली। इस उच्च स्तरीय बैठक में संभाग के सभी कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (SP) और विभिन्न विभागों के जिला व संभाग स्तरीय आला अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में मुख्यमंत्री ने शासन की फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और मैदानी अफसरों को जनता से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए।
खाद-बीज की किल्लत पर सीधे कलेक्टर होंगे जिम्मेदार
आगामी कृषि सीजन (खरीफ फसल) को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किसानों के हितों के संरक्षण के लिए बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है:
कलेक्टरों की जवाबदेही: मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि प्रदेश के किसी भी कोने में किसानों को खाद और उन्नत बीजों की उपलब्धता में रत्ती भर भी परेशानी नहीं होनी चाहिए। यदि कहीं भी लापरवाही या किल्लत की शिकायत मिली, तो इसके लिए सीधे संबंधित जिले के कलेक्टर जवाबदेह (Responsible) होंगे।
छोटे किसानों को प्राथमिकता: सहकारी समितियों और सोसायटियों में छोटे और सीमांत (गरीब) किसानों को कतारों में न लगना पड़े, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर खाद-बीज का वितरण सुनिश्चित किया जाए।
ब्लैक मार्केटिंग पर रोक: मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को खाद-बीज की कालाबाजारी और अवैध भंडारण करने वाले बिचौलियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई (रासुका या जब्ती) करने के निर्देश दिए हैं।
तेल नदी पर बनेगा एनीकट, ₹7 करोड़ की राशि स्वीकृत
इस संभागीय बैठक के दौरान गरियाबंद और आसपास के अंचलों के ग्रामीणों व किसानों को मुख्यमंत्री ने एक बड़ी सौगात दी। क्षेत्र में सिंचाई की समस्या को दूर करने और भूजल स्तर को सुधारने के लिए मुख्यमंत्री साय ने तेल नदी (Oil River) पर नए एनीकट (Anicut/Stap Dam) के निर्माण की घोषणा की।
इसके तकनीकी प्राक्कलन को मंजूरी देते हुए सरकार की ओर से तत्काल 7 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कर दी गई है।
इस एनीकट के बनने से गरियाबंद जिले के दर्जनों गांवों के सैकड़ों हेक्टेयर खेतों को सिंचाई के लिए बारहमासी पानी मिल सकेगा, जिससे किसान रबी और खरीफ दोनों फसलें आसानी से ले सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने बैठक में पेयजल मिशन (जल जीवन मिशन), अंदरूनी क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी, वनाधिकार पत्रों के वितरण और कानून-व्यवस्था की भी बारीकी से समीक्षा की और लंबित मामलों को समय-सीमा के भीतर निपटाने का अल्टीमेटम दिया।