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CG CM Helpline: इसी महीने शुरू होगी 'मुख्यमंत्री हेल्पलाइन'; घर बैठे मोबाइल ऐप से मिलेंगे राजस्व रिकॉर्ड, सीएम साय का बड़ा ऐलान

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CM Vishnu Deo Sai Big Announcement on CM Helpline: छत्तीसगढ़ में 'सुशासन तिहार' (Good Governance Festival) के अवसर पर गरियाबंद प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश की जनता को डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक बहुत बड़ी सौगात देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण और उन तक सरकारी सेवाओं की पहुंच को बेहद आसान बनाने के लिए इसी महीने (जून 2026) 'मुख्यमंत्री हेल्पलाइन' (CM Helpline) सेवा की औपचारिक शुरुआत होने जा रही है। इस हाईटेक व्यवस्था के शुरू होने के बाद जनता को अपनी छोटी-बड़ी शिकायतों और मांगों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।

टोल-फ्री नंबर पर दर्ज होगी शिकायत, मुख्यमंत्री कार्यालय रखेगा सीधी नजर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस नई हेल्पलाइन सेवा की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि सरकार इसके लिए पूरी तरह तैयार है:

24x7 टोल-फ्री नंबर: प्रदेश की जनता के लिए एक विशेष टोल-फ्री नंबर (Toll-Free Number) जारी किया जाएगा। इस नंबर पर राज्य का कोई भी नागरिक सीधे फोन करके अपनी शिकायत या समस्या दर्ज करा सकेगा।

मजबूत प्रशासनिक ढांचा: इस हेल्पलाइन को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में एक विशेष विंग तैयार की गई है। शिकायतों की मॉनिटरिंग के लिए 100 से अधिक अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम चौबीसों घंटे तैनात रहेगी, जो सीधे निचले स्तर के विभागों से जवाब-तलब करेगी।

ई-डिस्ट्रिक्ट का विस्तार: मोबाइल ऐप से घर बैठे मिलेंगे राजस्व रिकॉर्ड

डिजिटल छत्तीसगढ़ (Digital Chhattisgarh) के संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने 'ई-डिस्ट्रिक्ट' (e-District) सेवाओं के अभूतपूर्व विस्तार की भी जानकारी दी:

400 से अधिक डिजिटल सेवाएं: मुख्यमंत्री साय ने बताया कि जब डॉ. रमन सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब राज्य में ई-डिस्ट्रिक्ट सेवा की नींव रखी गई थी। वर्तमान साय सरकार ने इस डिजिटल क्रांति को और आगे बढ़ाते हुए अब इसमें 400 से अधिक सरकारी सेवाओं को जोड़ दिया है।

राजस्व रिकॉर्ड और प्रमाण-पत्र: अब आम नागरिकों को अपनी जमीन का बी-1, खसरा, नक्शा या कोई भी राजस्व रिकॉर्ड (Revenue Records) निकालने के लिए पटवारी या तहसील कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी।

चुटकी में डाउनलोड: जनता अपने मोबाइल फोन में सरकारी ऐप के माध्यम से घर बैठे ही आय, जाति, निवास प्रमाण-पत्र और सभी जरूरी राजस्व दस्तावेज सीधे एक क्लिक में देख और डाउनलोड कर सकेगी।

मुख्यमंत्री ने साफ किया कि उनकी सरकार का एकमात्र लक्ष्य अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक बिना किसी भ्रष्टाचार और देरी के सीधे शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ पहुंचाना है, और यह नई हेल्पलाइन इसी दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।

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