Manendragarh: छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रशासनिक व्यवस्था में कसावट लाने और कार्यप्रणाली को चुस्त-दुरुस्त करने के उद्देश्य से राज्य में बड़े पैमाने पर शिक्षा अधिकारियों के तबादले किए हैं। राज्य शासन द्वारा मंत्रालय ‘महानदी भवन’ से जारी इस नवीन स्थानांतरण आदेश के तहत कई जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और प्राचार्यों के प्रभार में भारी फेरबदल किया गया है। इस पूरी प्रशासनिक सर्जरी और सूची में सबसे बड़ा व संवेदनशील एक्शन मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले में देखने को मिला है, जहाँ सुशासन की कसौटी पर खरे न उतरने वाले और विभागीय कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सीधे तौर पर गाज गिरी है।
विभागीय सूत्रों और प्राप्त जानकारी के अनुसार, एमसीबी जिले के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) अजय कुमार मिरे को उनके पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। इस कड़े कदम के पीछे की मुख्य वजह हाल ही में आयोजित 'सुशासन तिहार' कार्यक्रम को माना जा रहा है। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जिले में शिक्षा विभाग के कामकाज और लचर प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर गहरी नाराजगी जताई थी। जनशिकायतों और विभागीय समीक्षा के दौरान कार्यों में पारदर्शिता व गति की कमी पाए जाने पर मुख्यमंत्री ने मंच से ही संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई थी और व्यवस्था सुधारने के सख्त निर्देश दिए थे।
मुख्यमंत्री की इस सार्वजनिक फटकार और कड़ी चेतावनी के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने त्वरित एक्शन लेते हुए अजय कुमार मिरे को डीईओ पद से मुक्त कर दिया है। शासन के इस कड़े रुख से पूरे संभाग और शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। प्रशासनिक गलियारों में इस कार्रवाई को मुख्यमंत्री के 'जीरो टॉलरेंस' और सुशासन के संकल्प से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें साफ संदेश है कि जनता के कार्यों में ढिलाई और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हटाए गए अधिकारी के स्थान पर जल्द ही नए डीईओ की पदस्थापना की जाएगी ताकि शैक्षणिक सत्र और प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों।