रायपुर, 5 अगस्त। मानसून की शुरुआत के साथ ही जहां पेड़-पौधों में हरियाली लौट आती है, वहीं बारिश के मौसम में जहरीले जीवों और सांपों का खतरा भी काफी बढ़ जाता है। अक्सर लोगों को लगता है कि सांप केवल जमीन या निचले इलाकों में ही निकलते हैं, लेकिन भारी बारिश और जलभराव के कारण वे सुरक्षित जगह की तलाश में ऊंची इमारतों, टेरेस गार्डन (छत के बगीचे) और बालकनी तक पहुंच जाते हैं। गमलों का झुरमुट, जलजमाव और अंधेरे कोने सांपों के छिपने के लिए सबसे मुफीद जगह बन जाते हैं, जिससे हादसों का जोखिम बना रहता है।
टेरेस गार्डन और बालकनी को सांपों से सुरक्षित रखने के लिए विशेषज्ञों द्वारा 6 प्रमुख सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है। सबसे पहले, गमलों और पौधों की छंटाई नियमित रूप से करें ताकि दृश्यता बनी रहे और कोई भी जीव आसानी से छिप न सके। दूसरा, छत या बालकनी में बेकार पड़े सामान, सूखे पत्तों के ढेर और लकड़ी के टुकड़ों को तुरंत हटाएं। तीसरा, जलजमाव को रोकें क्योंकि पानी की तलाश में मेंढक और कीड़े-मकौड़े आते हैं, जो सांपों का मुख्य भोजन हैं। चौथा, कीट-पतंगों व चूहों को नियंत्रित करें ताकि सांप भोजन की तलाश में वहां तक न पहुंचें।
इसके अलावा, पांचवां उपाय यह है कि बालकनी व छत के दरवाजों और खिड़कियों पर जाली (मेष) लगाएं ताकि वे घर के भीतर प्रवेश न कर सकें। छठा, रात के समय टेरेस या बालकनी में पर्याप्त रोशनी (लाइटिंग) रखें और बिना लाइट जलाए या जूते पहने अंधेरे में न जाएं। यदि किसी स्थिति में सांप दिखाई भी दे, तो उसे खुद पकड़ने या छेड़ने के बजाय दूरी बनाए रखें और तुरंत पेशेवर सर्प मित्र (स्नेक कैचर) या वन विभाग की टीम को सूचित करें। थोड़ी सी सतर्कता बरतकर मानसून में अपने परिवार और बगीचे को पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सकता है।