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Bilaspur High Court News: पुलिस परिवार महासम्मेलन का रास्ता साफ, हाईकोर्ट के आदेश के बाद नई तारीख तय करने की तैयारी

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बिलासपुर/दुर्ग। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने संयुक्त पुलिस कर्मचारी एवं परिवार कल्याण संघ के प्रस्तावित महासम्मेलन को लेकर चल रहे विवाद का निपटारा करते हुए भविष्य में सम्मेलन आयोजित करने का रास्ता साफ कर दिया है। करीब 11 महीने से चल रही कानूनी लड़ाई के बाद न्यायमूर्ति अमितेंद्र किशोर प्रसाद की एकल पीठ ने दुर्ग कलेक्टर को संगठन की ओर से नया आवेदन मिलने पर नियमों के अनुसार और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए उस पर शीघ्र निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं।

पुराने सम्मेलन को लेकर हाईकोर्ट पहुंचा था मामला

यह मामला संयुक्त पुलिस कर्मचारी एवं परिवार कल्याण संघ के अध्यक्ष उज्ज्वल दीवान की ओर से दायर रिट याचिका WPC No. 5964 of 2025 से जुड़ा है। याचिका में 5 अक्टूबर 2025 को दुर्ग के स्वामी विवेकानंद सभागार में प्रस्तावित पुलिस परिवार सम्मेलन को कथित रूप से रद्द किए जाने और पहले से बुक भवन में ताला लगाए जाने का मुद्दा उठाया गया था।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता जानू खरे ने हाईकोर्ट में पक्ष रखा। याचिका में सम्मेलन आयोजित कराने की अनुमति के साथ जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और नुकसान की भरपाई समेत अन्य मांगें रखी गई थीं।

नए आवेदन पर जल्द निर्णय के निर्देश

हाईकोर्ट ने कहा कि यदि संगठन भविष्य में महासम्मेलन आयोजित करने के लिए दुर्ग कलेक्टर के समक्ष नया आवेदन प्रस्तुत करता है, तो उस पर व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए जल्द विचार किया जाए।

कोर्ट के निर्देश के अनुसार यदि सम्मेलन के आयोजन में कानून-व्यवस्था से जुड़ी कोई वास्तविक बाधा नहीं है, तो अनुमति देने पर शीघ्र निर्णय लिया जाना चाहिए। इससे संगठन के लिए भविष्य में सम्मेलन आयोजित करने की प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है।

संगठन ने बताया बड़ी जीत

संघ के अध्यक्ष उज्ज्वल दीवान ने हाईकोर्ट के आदेश को पुलिस परिवार की बड़ी जीत बताया है। उन्होंने कहा कि संगठन जल्द ही सर्वसम्मति से महासम्मेलन की नई तारीख तय करेगा और कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद संगठन से जुड़े पुलिस परिवारों में उत्साह का माहौल है। संघ की ओर से प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रस्तावित महासम्मेलन को लेकर तैयारियां शुरू करने की बात कही गई है।

11 महीने की कानूनी लड़ाई के बाद खुला रास्ता

पुलिस परिवार संगठन का कहना है कि पूर्व में सम्मेलन नहीं हो पाने से उसे आर्थिक नुकसान और मानहानि का सामना करना पड़ा। भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए संगठन ने न्यायालय का रुख किया था।

अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद नए आवेदन के आधार पर प्रशासनिक स्तर पर निर्णय लिया जाएगा। संगठन की नजर आगामी सम्मेलन के लिए नई तारीख और आयोजन स्थल की अनुमति पर रहेगी।

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