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Higher Education News: पांच साल से अटकी 595 प्रोफेसरों की भर्ती, 1533 अभ्यर्थी इंटरव्यू के इंतजार में

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के शासकीय महाविद्यालयों में प्रोफेसरों की कमी के बीच 595 पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया लंबे समय से आगे नहीं बढ़ पाई है। भर्ती प्रक्रिया करीब पांच वर्षों से लंबित बताई जा रही है। इस बीच 1,533 अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन पूरा हो चुका है, लेकिन अब तक इंटरव्यू की प्रक्रिया शुरू नहीं होने से उम्मीदवारों में असमंजस बना हुआ है। 

343 से अधिक सरकारी कॉलेजों में शिक्षकों की कमी

प्रदेश के सरकारी महाविद्यालयों में बड़ी संख्या में प्रोफेसर और अन्य शिक्षकों के पद रिक्त हैं। ऐसे में लंबे समय से लंबित भर्ती प्रक्रिया का सीधा असर उच्च शिक्षा व्यवस्था पर पड़ने की बात सामने आ रही है।

एक ओर सरकारी कॉलेजों में शिक्षकों की कमी दूर करने की जरूरत है, वहीं दूसरी ओर 595 पदों पर प्रस्तावित भर्ती में आगे की प्रक्रिया नहीं होने से योग्य अभ्यर्थियों का इंतजार लगातार बढ़ रहा है।

दस्तावेज सत्यापन के बाद भी इंटरव्यू का इंतजार

भर्ती प्रक्रिया में शामिल 1,533 अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन पूरा हो चुका है। सत्यापन के बाद उम्मीदवारों को उम्मीद थी कि जल्द ही इंटरव्यू की तारीख घोषित की जाएगी, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।

मार्च 2026 में भी इस भर्ती को लेकर रिपोर्ट सामने आई थी, जिसमें दस्तावेज सत्यापन पूरा होने के बावजूद छह महीने से अधिक समय से इंटरव्यू लंबित होने की बात कही गई थी। 

पांच साल की देरी से अभ्यर्थियों में बढ़ी चिंता

प्रोफेसर भर्ती की प्रक्रिया लंबे समय से अटकी होने के कारण अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ती जा रही है। भर्ती में देरी का असर उन उम्मीदवारों पर भी पड़ रहा है, जिन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर ली है।

उम्मीदवार अब इंटरव्यू की तारीख घोषित होने और भर्ती प्रक्रिया को अंतिम चरण तक पहुंचाने की मांग कर रहे हैं।

उच्च शिक्षा व्यवस्था पर भी असर

सरकारी कॉलेजों में पर्याप्त संख्या में प्रोफेसरों की उपलब्धता उच्च शिक्षा की गुणवत्ता के लिए महत्वपूर्ण है। रिक्त पदों के कारण मौजूदा शिक्षकों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी बढ़ने के साथ विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित होने की आशंका रहती है।

ऐसे में 595 पदों की भर्ती प्रक्रिया पूरी होने से सरकारी महाविद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने में मदद मिल सकती है। अब नजर इस बात पर है कि संबंधित विभाग इंटरव्यू और आगे की चयन प्रक्रिया को कब तक आगे बढ़ाता है।

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