गरियाबंद। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच गरियाबंद पुलिस ने ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता का दायरा बढ़ाने की पहल की है। साइबर जागृति अभियान के तहत पुलिस अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिनों को साइबर अपराध से बचाव की जानकारी देकर उन्हें ग्रामीण परिवारों तक जागरूकता पहुंचाने वाली स्थानीय कड़ी के रूप में तैयार कर रही है। बुधवार को जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने ग्रामीण इलाकों में पहुंचकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों और स्थानीय महिलाओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।
फर्जी कॉल और ओटीपी से रहें सावधान
पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के निर्देशन में आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों में साइबर ठगी के अलग-अलग तरीकों की जानकारी दी गई। लोगों को समझाया गया कि बैंक अधिकारी बनकर आने वाली फर्जी कॉल, ओटीपी या यूपीआई पिन मांगने, संदिग्ध लिंक भेजने, लोन और इनाम का लालच देने तथा सरकारी योजनाओं के नाम पर की जाने वाली ठगी से सतर्क रहना जरूरी है।
गांव-गांव पहुंचेगी साइबर सुरक्षा की जानकारी
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मितानिनें लगातार ग्रामीण परिवारों के संपर्क में रहती हैं। ऐसे में पुलिस का मानना है कि इनके माध्यम से साइबर अपराध से बचाव की जानकारी गांवों तक तेजी से पहुंचाई जा सकती है। जागरूकता अभियान के जरिए उन्हें संदिग्ध गतिविधियों को पहचानने और ग्रामीणों को समय रहते सावधान करने के तरीके बताए गए।
सतर्कता से बच सकता है बड़ा आर्थिक नुकसान
पुलिस ने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी या पासवर्ड साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से भी बचें। किसी साइबर ठगी की आशंका होने पर तत्काल इसकी सूचना संबंधित पुलिस थाने या साइबर हेल्पलाइन को देने की अपील की गई है। अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर अपराध के प्रति जागरूकता बढ़ाकर ठगी की घटनाओं को रोकना है।