रायपुर। रायपुर नगर निगम द्वारा आज पेश किए गए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर आम आदमी पार्टी के नेता मिथलेश साहू ने तीखा प्रहार किया है। उन्होंने इस बजट को पूरी तरह से दिशाहीन और जनता की आंखों में धूल झोंकने वाला करार दिया है।
मिथलेश साहू ने जारी बयान में कहा कि सत्ता पक्ष ने आंकड़ों का मायाजाल बुनकर रायपुर की जनता को सुनहरे सपने दिखाने की कोशिश की है, जबकि धरातल पर शहर की स्थिति बदहाल है। उन्होंने बजट के मुख्य बिंदुओं पर निम्नलिखित सवाल उठाए हैं:
सफाई व्यवस्था का संकट: शहर के वार्डों में कचरा प्रबंधन पूरी तरह ठप है, लेकिन बजट में केवल नई मशीनों और विज्ञापनों पर जोर दिया गया है। गलियों की नालियां लबालब हैं और सफाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकता पूरी की जा रही है।
अमृत मिशन की विफलता: अमृत मिशन के नाम पर पूरे शहर की सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया है। करोड़ों खर्च होने के बाद भी आज रायपुर के कई इलाकों में दूषित पानी की समस्या बनी हुई है।
बुनियादी ढांचे की अनदेखी: बजट में नई घोषणाएं तो की गई हैं, लेकिन पुराने अधूरे कामों और वार्ड स्तर की छोटी-बड़ी समस्याओं (जैसे स्ट्रीट लाइट और ड्रेनेज) के लिए कोई ठोस योजना नहीं है।
टैक्स का बोझ: एक ओर जनता महंगाई की मार झेल रही है, वहीं दूसरी ओर निगम सुविधाओं के नाम पर केवल टैक्स वसूली में लगा है, जिसका लाभ आम नागरिक को नहीं मिल रहा।
मिथलेश साहू ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा, "यह बजट 'जन-कल्याण' का नहीं बल्कि 'ठेकेदार-कल्याण' का बजट प्रतीत होता है। अगर नगर निगम ने बजट की राशि का सही उपयोग वार्डों की जमीनी समस्याओं को दूर करने में नहीं किया, तो हम जनता के साथ मिलकर सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे।"
उन्होंने मांग की है कि बजट की राशि का एक बड़ा हिस्सा सीधे वार्ड पार्षदों के माध्यम से स्थानीय विकास कार्यों और स्वच्छता के लिए सुरक्षित किया जाना चाहिए ताकि आम आदमी को इसका सीधा लाभ मिल सके.