छत्तीसगढ़ में सरकारी शिक्षकों की भर्ती और शिक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मौजूदा भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सरकार ने चुनाव के दौरान 57 हजार शिक्षकों की बंपर भर्ती करने का बड़ा वादा किया था, लेकिन डीएड-बीएड और टीईटी (TET) पास बेरोजगार युवा आज भी नौकरी की आस में भटक रहे हैं और सरकार सिर्फ कागजी घोषणाएं कर रही है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने अपने दावों के समर्थन में 'यू-डायस प्लस' (U-DISE+) के आधिकारिक आंकड़ों का हवाला दिया है। आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2023-24 में राज्य में कुल 1,88,721 शिक्षक कार्यरत थे, जो घटकर वर्ष 2024-25 में 1,88,578 रह गए। इसके बाद स्थिति और चिंताजनक होते हुए वर्ष 2025-26 में घटकर कुल संख्या 1,86,139 पर आ गई है। यानी कुल दो वर्षों के अंतराल में सरकारी शिक्षकों की संख्या में 2,582 की कमी आई है।
एक तरफ जहां सरकार की ओर से शिक्षा के स्तर को सुधारने और रिक्त पदों को भरने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं इन आंकड़ों के सामने आने के बाद विपक्षी दल को सरकार पर हमलावर होने का बड़ा मौका मिल गया है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यदि जल्द ही बड़े पैमाने पर शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, तो बेरोजगार युवाओं के साथ मिलकर व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।