BREAKING
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का रोमांच अब अपने निर्णायक दौर में पहुंच गया है। लीग के फाइनल मुकाबले की तस्वीर साफ हो गई है। मैनपाट टाइटन्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बैलाडीला बुल्स को 3-1 से हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश कर लिया है। अब फाइनल में मैनपाट टाइटन्स का सामना संस्कारधानी स्ट्राइकर्स से होगा। दोनों टीमों के बीच होने वाले इस मुकाबले को लेकर हॉकी प्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। सेमीफाइनल में मैनपाट टाइटन्स और बैलाडीला बुल्स के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। दोनों टीमों ने शुरुआत से ही जीत के इरादे से मैदान संभाला। मैच के शुरुआती मिनटों में खिलाड़ियों ने तेजी के साथ खेलते हुए एक-दूसरे के गोलपोस्ट पर हमले किए। बैलाडीला बुल्स ने भी मैनपाट टाइटन्स को कड़ी टक्कर दी और गोल करने के कई प्रयास किए। हालांकि मैनपाट टाइटन्स के खिलाड़ियों ने बेहतरीन तालमेल और मजबूत रक्षापंक्ति के दम पर विपक्षी टीम के हमलों को रोकने में सफलता हासिल की। मैनपाट टाइटन्स ने धीरे-धीरे मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत की और आक्रामक रणनीति के जरिए गोल करने के अवसर बनाए। टीम के खिलाड़ियों ने मैदान के हर हिस्से में सक्रियता दिखाई। फॉरवर्ड खिलाड़ियों ने जहां विपक्षी डिफेंस पर लगातार दबाव बनाया, वहीं मिडफील्ड के खिलाड़ियों ने गेंद को बेहतर तरीके से नियंत्रित करते हुए आक्रमण को मजबूती दी। इसी सामूहिक प्रयास का परिणाम रहा कि मैनपाट टाइटन्स ने मुकाबले में तीन गोल दागे। दूसरी ओर बैलाडीला बुल्स ने भी संघर्ष जारी रखा। टीम ने एक गोल करके मुकाबले में वापसी की कोशिश की, लेकिन मैनपाट टाइटन्स की मजबूत रणनीति के सामने उसे आगे बढ़ने का मौका नहीं मिला। मैच के अंतिम चरण में बैलाडीला बुल्स ने गोल अंतर कम करने के लिए आक्रमण तेज किया, लेकिन टाइटन्स के खिलाड़ियों ने संयम और अनुशासन के साथ अपनी बढ़त बनाए रखी। अंततः मैनपाट टाइटन्स ने 3-1 से जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बना ली। इस जीत के साथ ही छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले खिताब के लिए मुकाबला मैनपाट टाइटन्स और संस्कारधानी स्ट्राइकर्स के बीच तय हो गया है। इससे पहले संस्कारधानी स्ट्राइकर्स ने न्यायधानी नाइट्स को 6-3 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। संस्कारधानी स्ट्राइकर्स ने अपने सेमीफाइनल मुकाबले में आक्रामक खेल का शानदार प्रदर्शन किया था। वहीं मैनपाट टाइटन्स ने बैलाडीला बुल्स के खिलाफ मजबूत टीम संयोजन और बेहतर रणनीति के दम पर जीत हासिल की है। ऐसे में फाइनल मुकाबले में दोनों टीमों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा होने की उम्मीद है। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग प्रदेश में हॉकी को नई पहचान देने और स्थानीय खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण आयोजन है। छह फ्रेंचाइजी टीमों की भागीदारी वाली इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में खेलने का अवसर मिल रहा है। लीग के दौरान दर्शकों को शानदार गोल, तेज रफ्तार खेल और रोमांचक मुकाबले देखने को मिले हैं। अब फाइनल में दोनों टीमों की रणनीति, खिलाड़ियों का तालमेल और दबाव में प्रदर्शन निर्णायक साबित होगा। मैनपाट टाइटन्स की नजर जहां अपनी जीत की लय बरकरार रखते हुए पहली चैंपियन बनने पर होगी, वहीं संस्कारधानी स्ट्राइकर्स भी खिताब जीतने के इरादे से मैदान में उतरेगी। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि छत्तीसगढ़ हॉकी लीग की पहली ट्रॉफी किस टीम के नाम होती है।
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का रोमांच अब अपने निर्णायक दौर में पहुंच गया है। लीग के फाइनल मुकाबले की तस्वीर साफ हो गई है। मैनपाट टाइटन्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बैलाडीला बुल्स को 3-1 से हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश कर लिया है। अब फाइनल में मैनपाट टाइटन्स का सामना संस्कारधानी स्ट्राइकर्स से होगा। दोनों टीमों के बीच होने वाले इस मुकाबले को लेकर हॉकी प्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। सेमीफाइनल में मैनपाट टाइटन्स और बैलाडीला बुल्स के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। दोनों टीमों ने शुरुआत से ही जीत के इरादे से मैदान संभाला। मैच के शुरुआती मिनटों में खिलाड़ियों ने तेजी के साथ खेलते हुए एक-दूसरे के गोलपोस्ट पर हमले किए। बैलाडीला बुल्स ने भी मैनपाट टाइटन्स को कड़ी टक्कर दी और गोल करने के कई प्रयास किए। हालांकि मैनपाट टाइटन्स के खिलाड़ियों ने बेहतरीन तालमेल और मजबूत रक्षापंक्ति के दम पर विपक्षी टीम के हमलों को रोकने में सफलता हासिल की। मैनपाट टाइटन्स ने धीरे-धीरे मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत की और आक्रामक रणनीति के जरिए गोल करने के अवसर बनाए। टीम के खिलाड़ियों ने मैदान के हर हिस्से में सक्रियता दिखाई। फॉरवर्ड खिलाड़ियों ने जहां विपक्षी डिफेंस पर लगातार दबाव बनाया, वहीं मिडफील्ड के खिलाड़ियों ने गेंद को बेहतर तरीके से नियंत्रित करते हुए आक्रमण को मजबूती दी। इसी सामूहिक प्रयास का परिणाम रहा कि मैनपाट टाइटन्स ने मुकाबले में तीन गोल दागे। दूसरी ओर बैलाडीला बुल्स ने भी संघर्ष जारी रखा। टीम ने एक गोल करके मुकाबले में वापसी की कोशिश की, लेकिन मैनपाट टाइटन्स की मजबूत रणनीति के सामने उसे आगे बढ़ने का मौका नहीं मिला। मैच के अंतिम चरण में बैलाडीला बुल्स ने गोल अंतर कम करने के लिए आक्रमण तेज किया, लेकिन टाइटन्स के खिलाड़ियों ने संयम और अनुशासन के साथ अपनी बढ़त बनाए रखी। अंततः मैनपाट टाइटन्स ने 3-1 से जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बना ली। इस जीत के साथ ही छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले खिताब के लिए मुकाबला मैनपाट टाइटन्स और संस्कारधानी स्ट्राइकर्स के बीच तय हो गया है। इससे पहले संस्कारधानी स्ट्राइकर्स ने न्यायधानी नाइट्स को 6-3 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। संस्कारधानी स्ट्राइकर्स ने अपने सेमीफाइनल मुकाबले में आक्रामक खेल का शानदार प्रदर्शन किया था। वहीं मैनपाट टाइटन्स ने बैलाडीला बुल्स के खिलाफ मजबूत टीम संयोजन और बेहतर रणनीति के दम पर जीत हासिल की है। ऐसे में फाइनल मुकाबले में दोनों टीमों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा होने की उम्मीद है। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग प्रदेश में हॉकी को नई पहचान देने और स्थानीय खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण आयोजन है। छह फ्रेंचाइजी टीमों की भागीदारी वाली इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में खेलने का अवसर मिल रहा है। लीग के दौरान दर्शकों को शानदार गोल, तेज रफ्तार खेल और रोमांचक मुकाबले देखने को मिले हैं। अब फाइनल में दोनों टीमों की रणनीति, खिलाड़ियों का तालमेल और दबाव में प्रदर्शन निर्णायक साबित होगा। मैनपाट टाइटन्स की नजर जहां अपनी जीत की लय बरकरार रखते हुए पहली चैंपियन बनने पर होगी, वहीं संस्कारधानी स्ट्राइकर्स भी खिताब जीतने के इरादे से मैदान में उतरेगी। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि छत्तीसगढ़ हॉकी लीग की पहली ट्रॉफी किस टीम के नाम होती है।

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का रोमांच अब अपने निर्णायक दौर में पहुंच गया है। लीग के फाइनल मुकाबले की तस्वीर साफ हो गई है। मैनपाट टाइटन्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बैलाडीला बुल्स को 3-1 से हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश कर लिया है। अब फाइनल में मैनपाट टाइटन्स का सामना संस्कारधानी स्ट्राइकर्स से होगा। दोनों टीमों के बीच होने वाले इस मुकाबले को लेकर हॉकी प्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। सेमीफाइनल में मैनपाट टाइटन्स और बैलाडीला बुल्स के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। दोनों टीमों ने शुरुआत से ही जीत के इरादे से मैदान संभाला। मैच के शुरुआती मिनटों में खिलाड़ियों ने तेजी के साथ खेलते हुए एक-दूसरे के गोलपोस्ट पर हमले किए। बैलाडीला बुल्स ने भी मैनपाट टाइटन्स को कड़ी टक्कर दी और गोल करने के कई प्रयास किए। हालांकि मैनपाट टाइटन्स के खिलाड़ियों ने बेहतरीन तालमेल और मजबूत रक्षापंक्ति के दम पर विपक्षी टीम के हमलों को रोकने में सफलता हासिल की। मैनपाट टाइटन्स ने धीरे-धीरे मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत की और आक्रामक रणनीति के जरिए गोल करने के अवसर बनाए। टीम के खिलाड़ियों ने मैदान के हर हिस्से में सक्रियता दिखाई। फॉरवर्ड खिलाड़ियों ने जहां विपक्षी डिफेंस पर लगातार दबाव बनाया, वहीं मिडफील्ड के खिलाड़ियों ने गेंद को बेहतर तरीके से नियंत्रित करते हुए आक्रमण को मजबूती दी। इसी सामूहिक प्रयास का परिणाम रहा कि मैनपाट टाइटन्स ने मुकाबले में तीन गोल दागे। दूसरी ओर बैलाडीला बुल्स ने भी संघर्ष जारी रखा। टीम ने एक गोल करके मुकाबले में वापसी की कोशिश की, लेकिन मैनपाट टाइटन्स की मजबूत रणनीति के सामने उसे आगे बढ़ने का मौका नहीं मिला। मैच के अंतिम चरण में बैलाडीला बुल्स ने गोल अंतर कम करने के लिए आक्रमण तेज किया, लेकिन टाइटन्स के खिलाड़ियों ने संयम और अनुशासन के साथ अपनी बढ़त बनाए रखी। अंततः मैनपाट टाइटन्स ने 3-1 से जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बना ली। इस जीत के साथ ही छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले खिताब के लिए मुकाबला मैनपाट टाइटन्स और संस्कारधानी स्ट्राइकर्स के बीच तय हो गया है। इससे पहले संस्कारधानी स्ट्राइकर्स ने न्यायधानी नाइट्स को 6-3 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। संस्कारधानी स्ट्राइकर्स ने अपने सेमीफाइनल मुकाबले में आक्रामक खेल का शानदार प्रदर्शन किया था। वहीं मैनपाट टाइटन्स ने बैलाडीला बुल्स के खिलाफ मजबूत टीम संयोजन और बेहतर रणनीति के दम पर जीत हासिल की है। ऐसे में फाइनल मुकाबले में दोनों टीमों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा होने की उम्मीद है। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग प्रदेश में हॉकी को नई पहचान देने और स्थानीय खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण आयोजन है। छह फ्रेंचाइजी टीमों की भागीदारी वाली इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में खेलने का अवसर मिल रहा है। लीग के दौरान दर्शकों को शानदार गोल, तेज रफ्तार खेल और रोमांचक मुकाबले देखने को मिले हैं। अब फाइनल में दोनों टीमों की रणनीति, खिलाड़ियों का तालमेल और दबाव में प्रदर्शन निर्णायक साबित होगा। मैनपाट टाइटन्स की नजर जहां अपनी जीत की लय बरकरार रखते हुए पहली चैंपियन बनने पर होगी, वहीं संस्कारधानी स्ट्राइकर्स भी खिताब जीतने के इरादे से मैदान में उतरेगी। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि छत्तीसगढ़ हॉकी लीग की पहली ट्रॉफी किस टीम के नाम होती है।

Share:

कहा:

रायपुर (वीएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर प्रदेश के सभी भाई-बहनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पत्र में छत्तीसगढ़ से अपने दशकों पुराने आत्मीय संबंधों, प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, नक्सलवाद के विरुद्ध मिली निर्णायक सफलता तथा विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में हो रहे व्यापक बदलावों का विशेष उल्लेख किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया है कि छत्तीसगढ़ आने वाले समय में विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

अटल जी के दूरदर्शी नेतृत्व में साकार हुई छत्तीसगढ़ की आकांक्षाएं

प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी का स्मरण करते हुए कहा कि 26 वर्ष पूर्व उनके दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ था। इस ऐतिहासिक निर्णय ने लाखों नागरिकों की दशकों पुरानी आकांक्षाओं को साकार किया और प्रदेश के विकास की नई यात्रा का शुभारंभ किया।

प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ से अपने व्यक्तिगत जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठन के दिनों से ही छत्तीसगढ़ से विशेष लगाव रहा है। अविभाजित मध्य प्रदेश के समय से उन्हें अनेक बार यहां आने का अवसर मिला। सरगुजा के वनांचलों से लेकर बस्तर की पावन धरती तक की यात्राओं में उन्होंने छत्तीसगढ़िया संस्कृति और जनजीवन को निकट से जाना और समझा है।



उन्होंने उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ की सरलता, सहजता, परिश्रमशीलता और जीवंत सांस्कृतिक परंपराएं उन्हें सदैव प्रेरणा देती रही हैं। प्रधानमंत्री ने पिछले वर्ष छत्तीसगढ़ की रजत जयंती के अवसर पर अपने प्रदेश प्रवास और नए विधानसभा भवन के लोकार्पण का भी स्मरण किया।



नक्सलवाद के रेड कॉरिडोर अब बन रहे शांति और विकास के नए केंद्र
प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध मिली सफलता को प्रदेश की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण परिवर्तन बताया। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक जो क्षेत्र नक्सलवाद के रेड कॉरिडोर के रूप में पहचाने जाते थे, वे आज शांति, विश्वास और विकास के नए केंद्र बन रहे हैं।



प्रधानमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद प्रदेश के विकास की सबसे बड़ी बाधाओं में से एक रहा, लेकिन आज इसे निर्णायक रूप से समाप्त करने में सफलता मिली है। इससे प्रदेश में विकास का नया वातावरण बना है तथा कनेक्टिविटी और आधुनिक अधोसंरचना के विस्तार को नई गति मिली है।

उन्होंने बस्तर में आए ऐतिहासिक बदलाव का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से बस्तर को माओवादी आतंक से मुक्त कराने का संकल्प पूरा हुआ है। बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन इस परिवर्तन के प्रतीक बन रहे हैं।



प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि नियद नेल्ला नार, आजीविका उन्नयन योजना और मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर जैसी पहलों से स्थानीय नागरिक बुनियादी सुविधाओं और विकास के नए अवसरों से जुड़ रहे हैं। उन्होंने बस्तर के शांति, सुशासन और समृद्धि की नई राह पर आगे बढ़ने पर गर्व व्यक्त किया।



प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ में कनेक्टिविटी के विस्तार को विकास की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने स्मरण किया कि 25 वर्ष पहले दिल्ली और रायपुर के बीच दिनभर में केवल एक उड़ान उपलब्ध हुआ करती थी, जबकि आज प्रदेश में चार आधुनिक हवाई अड्डों का नेटवर्क है।



उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। वंदे भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक रेल सेवाएं भी शुरू की गई हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सड़क निर्माण के विस्तार से रायपुर और बिलासपुर के बीच यात्रा का समय लगभग आधा हो गया है। विशाखापत्तनम और रांची-धनबाद जैसे प्रमुख आर्थिक केंद्रों को जोड़ने वाले निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे आने वाले समय में राज्य की कनेक्टिविटी, उद्योग और रोजगार के अवसरों को नई गति देंगे।

'मनखे-मनखे एक समान' का संदेश डबल इंजन सरकार की नीतियों का मूल आधार
प्रधानमंत्री मोदी ने संत गुरु घासीदास जी के 'मनखे-मनखे एक समान' के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि यह डबल इंजन सरकार की नीतियों के मूल आधार जैसा है। इसी मंत्र को आत्मसात करते हुए सरकार 'सबका साथ-सबका विकास' की भावना से समाज के प्रत्येक वर्ग की प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से सुदूर जनजातीय क्षेत्रों तक पक्के मकान, सड़क, बिजली, स्वच्छ पेयजल, शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। इन प्रयासों से प्रदेश की बड़ी आबादी को गरीबी से बाहर निकलने में मदद मिली है।

73 लाख परिवारों को निःशुल्क अनाज, 22 लाख से अधिक पक्के आवासों का निर्माण
प्रधानमंत्री मोदी ने पत्र में जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के 73 लाख जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से निःशुल्क अनाज उपलब्ध कराया जा रहा है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 22 लाख से अधिक पक्के आवासों का निर्माण पूरा हुआ है। 41 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुंचा है और करीब 40 लाख परिवारों को गैस कनेक्शन मिले हैं। लगभग ढाई करोड़ आयुष्मान कार्डों के माध्यम से नागरिकों की आरोग्य सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उल्लेख किया कि इन योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाया जा रहा है। प्रदेश के हर परिवार के जीवन को बेहतर बनाना डबल इंजन सरकार का मूल ध्येय है।

25 लाख से अधिक किसानों को उपज का बेहतर मूल्य, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में कृषि के महत्वपूर्ण योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में धान खरीदी की मजबूत व्यवस्था से 25 लाख से अधिक किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है। इससे किसानों की समृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।

उन्होंने दंतेवाड़ा जैसे आकांक्षी क्षेत्रों में माओवादी आतंक के बाद आए सकारात्मक बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना जैसी पहलें इन क्षेत्रों में कृषि को और मजबूत बना रही हैं।

युवाओं के लिए उच्च शिक्षा और कौशल विकास के नए अवसर
प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति को प्रदेश की सबसे बड़ी पूंजी बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में एम्स, आईआईटी, ट्रिपल आईटी, आईआईएम और निफ्ट जैसे प्रतिष्ठित संस्थान युवाओं के भविष्य को नई दिशा दे रहे हैं।

पीएम-सेतु और प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के माध्यम से कौशल विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप छत्तीसगढ़ी के साथ गोंडी, हल्बी और सरगुजिहा जैसी स्थानीय भाषाओं एवं बोलियों में प्राथमिक शिक्षा की व्यवस्था भी की जा रही है।

महतारी वंदन योजना से माताओं-बहनों को आर्थिक संबल

प्रधानमंत्री ने प्रदेश के विकास में नारीशक्ति की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।

उन्होंने महतारी वंदन योजना का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना के तहत 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों के बैंक खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपये भेजे जा रहे हैं। इससे महिलाओं को आर्थिक संबल मिलने के साथ परिवार और समाज में उनकी भागीदारी बढ़ रही है।

इनोवेशन और टेक्नोलॉजी का प्रमुख केंद्र बन रहा छत्तीसगढ़
प्रधानमंत्री ने नवा रायपुर के आधुनिक शहर के रूप में उभरने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इंडिया AI मिशन और सेमीकंडक्टर मिशन के अनुरूप नई तकनीक से जुड़ी परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि फार्मा, टेक्सटाइल, आईटी, बिजली, एल्युमिनियम और स्टील जैसे क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। नवा रायपुर में आयोजित ऑल इंडिया स्टील कॉन्क्लेव 2.0 और ग्रीन स्टील एंड माइनिंग समिट ने देश के स्टील क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को नई पहचान दी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों और प्रतिभाशाली युवाओं की शक्ति से प्रगति का नया मार्ग तैयार हो रहा है।

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत देश की अमूल्य धरोहर
प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रभु श्रीराम का ननिहाल और संत गुरु घासीदास जी की पावन जन्मभूमि है। यहां कबीरपंथ की समतामूलक विचारधारा की गहरी छाप है।

उन्होंने पद्म विभूषण तीजन बाई की पंडवानी को छत्तीसगढ़ की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि यहां की लोककलाएं, लोकभाषाएं और जनजातीय परंपराएं देश की सांस्कृतिक विविधता को समृद्ध बनाती हैं। छत्तीसगढ़ अपनी इस गौरवशाली विरासत को संजोते हुए विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा छत्तीसगढ़
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पत्र के समापन में छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य के प्रति विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की बड़ी भूमिका होने वाली है।

प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ सरकार का विजन डॉक्यूमेंट 'अंजोर विजन', विकसित छत्तीसगढ़ से विकसित भारत के संकल्प को नई दिशा दे रहा है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा और अधिक तेजी से आगे बढ़ेगी तथा प्रदेश अपनी उपलब्धियों से मां भारती और छत्तीसगढ़ महतारी का गौरव बढ़ाता रहेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पत्र के अंत में मुख्यमंत्री साय सहित छत्तीसगढ़ के सभी परिवारजनों को राज्य स्थापना दिवस की पुनः हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

Share:

Popular News