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बस्तर की शेरनियों का मैदान पर जलवा: चौथी बार चैंपियन बन माता रुक्मणी क्लब ने रचा इतिहास, अब नेशनल में गूंजेगा नाम!

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बस्तर जैसे सुदूर और संवेदनशील वनांचल क्षेत्र की प्रतिभावान बेटियों ने एक बार फिर खेल के मैदान पर अपने अद्वितीय कौशल और अदम्य साहस का लोहा मनवाते हुए पूरे छत्तीसगढ़ राज्य को गौरवान्वित किया है। बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर के पास डिमरापाल में स्थित माता रुक्मणी महिला फुटबॉल क्लब (MRFC) की युवा महिला टीम ने छत्तीसगढ़ महिला फुटबॉल लीग के वर्तमान संस्करण के खिताब पर एकतरफा कब्जा जमा लिया है। इस ऐतिहासिक और शानदार खिताबी जीत के साथ ही बस्तर की इन बेटियों ने ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) द्वारा आयोजित होने वाली प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर की इंडियन विमेंस फुटबॉल लीग-टू (IWFL-2) के लिए सीधे क्वालीफाई कर लिया है।

इस टूर्नामेंट में माता रुक्मणी क्लब की खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही आक्रामक और बेजोड़ खेल का प्रदर्शन किया, जिसके आगे विरोधी टीमें टिक नहीं सकीं। बस्तर की इन आदिवासी और ग्रामीण परिवेश से आने वाली बेटियों ने साबित कर दिया कि यदि सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो वे किसी भी मंच पर सफलता का परचम लहरा सकती हैं। माता रुक्मणी क्लब ने यह खिताब जीतकर लगातार चौथी बार राज्य चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया है, जो छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास में अपने आप में एक बड़ा और बेमिसाल रिकॉर्ड है। उनकी इस एकतरफा जीत ने बस्तर की खेल प्रतिभाओं को एक नया और वैश्विक मंच प्रदान किया है।

अब राज्य स्तर पर अपनी बादशाहत साबित करने के बाद बस्तर की यह प्रतिभावान विमेंस टीम राष्ट्रीय स्तर की इंडियन विमेंस फुटबॉल लीग-टू में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेगी, जहां उनका मुकाबला देश की दिग्गज और पेशेवर फुटबॉल क्लबों की टीमों से होगा। इस बड़ी उपलब्धि पर बस्तर संभाग सहित पूरे प्रदेश में जश्न का माहौल है और खेल प्रेमियों व जनप्रतिनिधियों द्वारा बेटियों को बधाई देने का तांता लगा हुआ है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि नेशनल लीग में इन बेटियों का यह प्रदर्शन छत्तीसगढ़ में महिला फुटबॉल के भविष्य को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा और अन्य ग्रामीण बालिकाओं को भी खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगा।

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