राजधानी रायपुर में मानसून की बारिश शुरू होते ही नगर पालिक निगम प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। महापौर मीनल चौबे ने शहर में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए नवगठित बाढ़ नियंत्रण प्रकोष्ठ और रायपुर के सभी 10 जोनों के प्रशासनिक अमले को मानसून के दौरान विशेष सतर्कता एवं जागरूकता बरतने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि बारिश के इस मौसम में कोई भी अधिकारी कार्यालय के एसी कमरों में न बैठे, बल्कि फील्ड में जाकर वास्तविक स्थिति का जायजा ले और जल निकासी की सुगम व्यवस्था सुनिश्चित करे।
महापौर मीनल चौबे ने सभी जोन कमिश्नरों, कार्यपालन अभियंताओं और जोन स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे प्रतिदिन अपने-अपने क्षेत्रों के वार्डों का सघन निरीक्षण करें। शहर के किसी भी वार्ड या मोहल्ले से बारिश का पानी भरने की सूचना मिलते ही तत्काल आपातकालीन टीम को मौके पर भेजा जाए। वहां युद्ध स्तर पर आवश्यक सफाई कार्य कराकर पानी की त्वरित निकासी सुनिश्चित की जाए, ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की आवागमन जनित या अन्य व्यावहारिक असुविधा का सामना न करना पड़े।
निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आपदा प्रबंधन और जनसमस्याओं के निराकरण के कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महापौर ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि किसी भी क्षेत्र में बारिश के पानी की सुगमता से निकासी नहीं हुई और जलभराव के कारण जनता को परेशानी हुई, तो संबंधित क्षेत्र के जोन कमिश्नर को इसके लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया जाएगा और उन पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।