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Chhattisgarh Sports News: खेल प्रतिभाओं के लिए बढ़ेंगे अवसर, रायपुर और जशपुर में बनेंगी आधुनिक आर्चरी अकादमियां

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रायपुर, 12 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए खेल अधोसंरचना और प्रशिक्षण सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश के गांवों, वनांचलों और दूरस्थ क्षेत्रों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कमी नहीं है। सरकार का प्रयास है कि खिलाड़ियों को उनकी प्रतिभा के अनुरूप बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधन और पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

मुख्यमंत्री ने रायपुर के सिविल लाइन स्थित न्यू सर्किट हाउस में आयोजित छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की एग्जीक्यूटिव बॉडी और जनरल काउंसिल की बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और सकारात्मक सोच विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उद्योगों को खेलों से जोड़ने पर जोर

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न खेल संघों को उद्योग समूहों से जोड़ने की पहल को गति देने की बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य में कार्यरत बड़े उद्योग समूह खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरणों, प्रतियोगिताओं के आयोजन और खेल अधोसंरचना के विकास में सहयोग कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि उद्योग जगत और खेल संगठनों के बीच बेहतर समन्वय से खिलाड़ियों को अतिरिक्त संसाधन मिलेंगे और प्रदेश में खेलों के विकास को नई गति मिलेगी। इस दिशा में योजनाबद्ध तरीके से पहल करने के निर्देश दिए गए।

शासन और ओलंपिक संघ के बीच बेहतर समन्वय

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ और राज्य शासन के बीच समन्वय को और मजबूत किया जाएगा। खेल संघों की आवश्यकताओं और शासन स्तर पर लंबित प्रक्रियाओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय के एक वरिष्ठ अधिकारी को विशेष समन्वय की जिम्मेदारी दी जाएगी।

इस व्यवस्था से खेल संघों के प्रस्तावों और आवश्यकताओं पर तेजी से कार्रवाई करने तथा खिलाड़ियों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का बेहतर लाभ दिलाने में मदद मिलेगी।

रायपुर में 60 करोड़ की आर्चरी अकादमी

राज्य में आधुनिक खेल सुविधाओं के विस्तार की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि रायपुर में करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक आर्चरी अकादमी का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा रायपुर, रायगढ़ और कुनकुरी में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स विकसित किए जा रहे हैं।

इन खेल सुविधाओं के माध्यम से खिलाड़ियों को आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ प्रशिक्षकों और बेहतर अभ्यास सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार हो सकें।

पंडरापाठ में 20 से 25 करोड़ की आर्चरी अकादमी

मुख्यमंत्री ने जशपुर क्षेत्र में तीरंदाजी की प्राकृतिक प्रतिभा का उल्लेख करते हुए बताया कि पंडरापाठ में करीब 20 से 25 करोड़ रुपये की लागत से आर्चरी अकादमी स्थापित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि विशेषकर जनजातीय और वनांचल क्षेत्रों में तीरंदाजी की मजबूत परंपरा है। आधुनिक प्रशिक्षण और विशेषज्ञ मार्गदर्शन मिलने से इन क्षेत्रों के प्रतिभाशाली युवा बड़े खेल मंचों तक पहुंच सकेंगे।

बस्तर और सरगुजा ओलंपिक से मिल रहा मंच

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर और सरगुजा में खेल प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए ओलंपिक जैसे आयोजनों से युवाओं को बड़ा मंच मिल रहा है। बस्तर ओलंपिक का आयोजन हर वर्ष करने की दिशा में काम किया जा रहा है, जबकि सरगुजा ओलंपिक के माध्यम से भी स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि खेल उत्कर्ष मिशन के माध्यम से प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। लक्ष्य है कि चाहे खिलाड़ी बड़े शहर से हो या दूरस्थ गांव और वनांचल से, उसे आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें।

खेल अलंकरण की दोबारा शुरुआत से बढ़ा उत्साह

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेल अलंकरण समारोह की पुनः शुरुआत की गई है। उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मानित करने के साथ उन्हें आर्थिक सहायता और शासकीय सेवा में अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इससे खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा है और प्रदेश में खेल गतिविधियों को प्रोत्साहन मिला है।

छत्तीसगढ़ को 40वें नेशनल गेम्स की मेजबानी दिलाने का प्रयास

बैठक में 40वें नेशनल गेम्स की मेजबानी छत्तीसगढ़ को दिलाने के विषय पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खेल अधोसंरचना तेजी से विकसित हो रही है, इसलिए अब बड़े राष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि यदि छत्तीसगढ़ को नेशनल गेम्स की मेजबानी मिलती है, तो आयोजन को बस्तर से जोड़ने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा। इससे बस्तर के युवाओं को देश के श्रेष्ठ खिलाड़ियों को देखने और उनसे सीखने का अवसर मिलेगा तथा प्रदेश की खेल संस्कृति को और बढ़ावा मिलेगा।

वनांचल में तीरंदाजी और मलखम्ब की प्रतिभाएं

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ के वनांचलों में तीरंदाजी खेल और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत केवल उन्हें तकनीकी प्रशिक्षण और सही मार्गदर्शन देने की है।

उन्होंने बताया कि बस्तर के जनजातीय युवा मलखम्ब में भी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। व्यक्तिगत और सामूहिक दोनों खेलों में प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें विशेष प्रशिक्षण देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

अन्य जिलों में भी बनेंगे जिला ओलंपिक संघ

बैठक में छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की गतिविधियों, आगामी खेल आयोजनों, नेशनल गेम्स और विभिन्न खेल संघों की आवश्यकताओं पर चर्चा की गई। अन्य जिलों में भी जिला ओलंपिक संघ गठित करने के लिए समिति बनाने पर सहमति बनी।

बैठक में ओलंपिक संघ के पदाधिकारी, विभिन्न खेल संघों के प्रतिनिधि और अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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