रायपुर। उरला स्थित थ्रीडी फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट में तीन मजदूर भाइयों की मौत के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। नगर निगम बिरगांव के लोक निर्माण विभाग के प्रभारी इकराम अहमद ने इस घटना को केवल हादसा नहीं, बल्कि व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का परिणाम बताया है।
जारी प्रेस विज्ञप्ति में इकराम अहमद ने कहा कि उरला औद्योगिक क्षेत्र में लगातार हो रही ऐसी घटनाएं यह साबित करती हैं कि फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों का गंभीरता से पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हर बार निर्दोष और मेहनतकश मजदूर अपनी जान गंवाते हैं, जबकि जिम्मेदार लोग बच निकलते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि हादसे के बाद कुछ दिनों तक जांच और कार्रवाई की औपचारिकता निभाई जाती है, लेकिन बाद में मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है।
इकराम अहमद ने राज्य सरकार और प्रशासन से मांग की कि इस मामले में दोषी फैक्ट्री प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही उरला सहित प्रदेश की सभी फैक्ट्रियों की सुरक्षा व्यवस्था की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
उन्होंने कहा कि मजदूरों की सुरक्षा कोई विकल्प नहीं, बल्कि उनका बुनियादी अधिकार है, जिसे सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है।