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शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ेंगे 1200 बच्चे; 3 महीने के 'ब्रिज कोर्स' के बाद तय होगी कक्षा

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26 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के सुदूर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा के उजियारे को फैलाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने एक विशेष पहल शुरू की है। विभिन्न कारणों से पढ़ाई छोड़ चुके या कभी स्कूल न जाने वाले 9 से 14 वर्ष की आयु वर्ग के लगभग 1,200 बच्चों को पहचानकर उन्हें आवासीय पोर्टा केबिनों में प्रवेश दिलाया गया है।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य घरेलू परिस्थितियों या स्थानीय समस्याओं के कारण भटक चुके बच्चों को दोबारा पढ़ाई की मुख्यधारा में वापस लाना है।

मनोरंजक गतिविधियों से शुरुआत, फिर 90 दिनों का 'ब्रिज कोर्स'

बच्चों को सीधे किताबों के दबाव में न डालते हुए शुरुआत में उन्हें स्कूल के माहौल में ढालने के लिए खेलकूद, चित्रकला, नृत्य, टीवी और शैक्षणिक भ्रमण जैसी मनोरंजक गतिविधियों से जोड़ा गया।

90 दिनों का मास्टर प्लान:

बच्चों की शैक्षणिक क्षमता का आकलन करने और उनकी बुनियादी भाषा व गणितीय ज्ञान (संख्या ज्ञान) को मजबूत करने के लिए 3 महीने (90 दिन) का विशेष ब्रिज कोर्स संचालित किया जा रहा है।

मूल्यांकन परीक्षा से तय होगी बच्चों की कक्षा

3 महीने का ब्रिज कोर्स पूरा होने के बाद सभी बच्चों की एक मूल्यांकन परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में बच्चों की सीखने की क्षमता के आधार पर उन्हें उनकी आयु और स्तर के अनुसार उचित कक्षा में नियमित प्रवेश दिया जाएगा।

जिला पंचायत सीईओ ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों (डीईओ, डीएमसी, बीईओ, बीआरसी और संकुल समन्वयकों) की बैठक लेकर निर्देश दिए हैं कि बच्चों की नियमित उपस्थिति, बेहतर अध्यापन और पौष्टिक भोजन व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए।

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