रायपुर, 22 अगस्त 2026। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ और आकांक्षी विकासखण्ड कार्यक्रम के तहत जनपद पंचायत लखनपुर में ग्राम पंचायत स्तरीय मछली बीज वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल शामिल हुए। उन्होंने ग्रामीण परिवारों को स्थानीय संसाधनों से जोड़कर आय बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर जोर दिया।
मंत्री ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए गांवों में ही रोजगार और स्वरोजगार के अवसर विकसित करना जरूरी है। ‘बिहान’ के माध्यम से ग्रामीण परिवारों, विशेषकर महिलाओं को संगठित कर उन्हें विभिन्न आयमूलक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। मछली पालन जैसे स्थानीय संसाधन आधारित व्यवसाय ग्रामीणों की आय बढ़ाने और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि मछली बीज वितरण से हितग्राहियों को इस व्यवसाय को आगे बढ़ाने में आधार मिलेगा।
Women Empowerment: महिला समूहों को स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर
राजेश अग्रवाल ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूह ‘बिहान’ अभियान की महत्वपूर्ण ताकत हैं। समूहों के माध्यम से महिलाएं बचत, ऋण, स्वरोजगार और विभिन्न आयमूलक गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। उन्होंने कृषि, पशुपालन, मछली पालन और लघु उद्यमों के माध्यम से महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
आकांक्षी विकासखण्ड कार्यक्रम के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, कौशल विकास और आजीविका के क्षेत्र में बदलाव लाने के प्रयासों की भी जानकारी दी गई। मंत्री ने ग्रामीणों से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि योजनाओं की सफलता तभी मानी जाएगी, जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और ग्रामीण परिवारों के लिए स्थायी आय के साधन विकसित हों।
Fish Farming: ग्रामीण हितग्राहियों को बांटा गया मछली बीज
कार्यक्रम के दौरान मछली पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्रामीण हितग्राहियों को मछली बीज वितरित किया गया। ग्रामीणों ने इसे गांव में ही आय का नया साधन उपलब्ध कराने वाली पहल बताया और शासन के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम में लुंड्रा विधायक प्रबोध मिंज सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।