भिलाई। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के ‘मोर मकान मोर आस’ घटक के तहत मकान पाने वाले हितग्राहियों के लिए नगर निगम ने सख्ती की तैयारी शुरू कर दी है। निर्धारित समय पर अंशदान की किश्त जमा नहीं करने वाले हितग्राहियों को डिफाल्टर घोषित किया जा सकता है। निगम की कार्रवाई से ऐसे हितग्राहियों के आवास आवंटन पर भी संकट खड़ा हो सकता है।
नगर निगम के अनुसार, योजना के तहत आवंटित मकानों की लागत में हितग्राहियों को निर्धारित अंशदान राशि जमा करनी होती है। कई हितग्राहियों द्वारा तय समय सीमा में किश्त जमा नहीं किए जाने की जानकारी सामने आई है। ऐसे मामलों में निगम संबंधित हितग्राहियों को भुगतान के लिए अवसर देने के बाद नियमानुसार कार्रवाई करेगा। समय पर राशि जमा नहीं करने वालों की सूची तैयार कर उन्हें डिफाल्टर घोषित किए जाने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
निगम की कार्रवाई में आवास आवंटन निरस्त करने के साथ पहले जमा की गई राशि को लेकर भी नियमानुसार निर्णय लिया जा सकता है। इसलिए योजना के हितग्राहियों को सलाह दी गई है कि वे अपने बकाया अंशदान की स्थिति की जानकारी लें और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय पर भुगतान करें। इससे उन्हें आवास आवंटन रद्द होने जैसी कार्रवाई से बचने में मदद मिलेगी।