छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू यानी Seasonal Influenza A (H1N1) के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2026 से अब तक प्रदेश में 130 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इनमें से 99 मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 31 मरीज फिलहाल एक्टिव बताए गए हैं।
H1N1 के लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) और संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों को संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान के निर्देश
स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक के अंतर्गत एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP) की ओर से 31 अगस्त 2026 को जारी पत्र में संदिग्ध और संभावित मरीजों की समय पर पहचान करने पर जोर दिया गया है। अधिकारियों को मरीजों की निगरानी, जांच, उपचार और रिपोर्टिंग की व्यवस्था प्रभावी रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने H1N1 के मामलों की 100 प्रतिशत रिपोर्टिंग IHIP पोर्टल पर सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि प्रदेश में संक्रमण की वास्तविक स्थिति की लगातार निगरानी की जा सके।
संक्रमण नियंत्रण और उपचार व्यवस्था पर जोर
जिलों को अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में संक्रमण नियंत्रण के आवश्यक उपायों को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही संदिग्ध एवं पॉजिटिव मरीजों के लिए उचित उपचार व्यवस्था बनाए रखने और स्वास्थ्यकर्मियों को आवश्यक सावधानियों के संबंध में जानकारी देने पर भी जोर दिया गया है।
विभाग का उद्देश्य बीमारी के मामलों की जल्द पहचान कर मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना और संक्रमण को आगे फैलने से रोकना है।
जन-जागरूकता गतिविधियां बढ़ाने के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग ने H1N1 को लेकर लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने की भी आवश्यकता बताई है। जिलों में संक्रमण से बचाव के उपायों के बारे में नागरिकों को जानकारी देने और लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए प्रेरित करने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग की निगरानी के बीच फिलहाल प्रदेश में 31 एक्टिव मरीज हैं। विभाग की ओर से सभी जिलों को सतर्क रहने और H1N1 से जुड़े मामलों की नियमित निगरानी करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।