रायपुर, 1 सितंबर 2026। संत गोबिंदराम शदाणी शासकीय कला एवं वाणिज्य कन्या महाविद्यालय, रायपुर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की नवप्रवेशित छात्राओं के लिए दीक्षारंभ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने महाविद्यालय की प्रतिभाशाली छात्राओं को सम्मानित किया और नवप्रवेशित विद्यार्थियों को शिक्षा, तकनीक और जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश दिए।
डिग्री तक सीमित नहीं हो शिक्षा का उद्देश्य
राज्यपाल रमेन डेका ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि महाविद्यालय में प्रवेश उनके जीवन के नए अध्याय की शुरुआत है। शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जागरूक, सशक्त और संवेदनशील नागरिक बनाना भी है।
उन्होंने कहा कि महाविद्यालय की गौरवशाली परंपरा से जुड़ना छात्राओं के लिए विशेष अवसर है। यहां से प्राप्त शिक्षा और अनुभव उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
वर्तमान पर ध्यान देकर लगातार आगे बढ़ने की सलाह
राज्यपाल ने छात्राओं को जीवन में निरंतर प्रयास करते रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के जीवन में अलग-अलग अवसर आते हैं। किसी एक क्षेत्र में सफलता नहीं मिलने पर निराश होने के बजाय दूसरे अवसरों की तलाश करनी चाहिए।
उन्होंने छात्राओं से कहा कि वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करते हुए मेहनत करें। निरंतर प्रयास और सीखने की आदत भविष्य को बेहतर बनाने में मदद करेगी।
इंटरनेट से सीखें, लेकिन विवेक को न छोड़ें
राज्यपाल ने कहा कि आज के विद्यार्थी इंटरनेट और तकनीक के दौर में पढ़ाई कर रहे हैं। तकनीक ने ज्ञान प्राप्त करने के नए रास्ते खोले हैं, लेकिन विद्यार्थियों को तकनीक पर पूरी तरह निर्भर नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इंटरनेट से बहुत कुछ सीखा जा सकता है, लेकिन मानव बुद्धि और विवेक का स्थान तकनीक नहीं ले सकती। इसलिए प्राप्त जानकारी का सही विश्लेषण और विवेकपूर्ण उपयोग जरूरी है।
समाज को भी कुछ देने की सोच विकसित करें
राज्यपाल ने छात्राओं से कहा कि जीवन में केवल यह सोचने के बजाय कि समाज और देश ने उन्हें क्या दिया, यह भी विचार करना चाहिए कि वे समाज और देश के लिए क्या योगदान दे सकती हैं।
उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे सकारात्मक प्रयास भी समाज में बड़े बदलाव का कारण बन सकते हैं। छात्राओं को अपने आसपास के लोगों और समाज की बेहतरी के लिए अपनी क्षमता के अनुसार योगदान करना चाहिए।
शिक्षकों की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण
राज्यपाल रमेन डेका ने विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक का योगदान अमूल्य होता है। शिक्षक अपने ज्ञान के साथ-साथ आचरण और व्यवहार से भी विद्यार्थियों को प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों को विद्यार्थियों के सामने ऐसा उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए, जिससे छात्राएं उनके व्यक्तित्व और कार्यशैली से सीख ले सकें।
प्रतिभाशाली छात्राओं का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय की प्रतिभाशाली छात्राओं को राज्यपाल ने सम्मानित किया। इन छात्राओं ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के माध्यम से महाविद्यालय का नाम गौरवान्वित किया है।
कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, संत युधिष्ठिर लाल, महाविद्यालय की प्राचार्य उषा किरण अग्रवाल, जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष, प्राध्यापकगण और बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं।