रायपुर, 02 सितंबर 2026। राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और विभागीय कामकाज में तेजी लाने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने मंत्रालय में विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में 1 जुलाई 2026 को लिए गए निर्णयों पर अब तक हुई कार्रवाई की बिंदुवार समीक्षा की गई। समयबद्ध कार्यों में देरी पर मंत्री ने नाराजगी जताते हुए प्रशासनिक प्रक्रियाओं में अनावश्यक विलंब दूर करने और सभी कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में सचिव अविनाश चंपावत, आयुक्त रीता यादव सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
700 सहायक प्राध्यापकों की भर्ती में तेजी के निर्देश
बैठक में शासकीय महाविद्यालयों में सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने सहायक प्राध्यापक के 700 पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया में आ रही बाधाओं को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। इसके अलावा प्राध्यापकों के 595 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया में भी तेजी लाने को कहा गया।
स्नातक प्राचार्य के पदों पर पदोन्नति के लंबित मामलों को लेकर मंत्री ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को 15 सितंबर 2026 तक पदोन्नति से जुड़ी सभी आवश्यक कार्यवाही पूरी करने के निर्देश दिए। बैठक में ऐसे प्राध्यापकों के मामलों की भी समीक्षा की गई, जिन्हें पात्रता नहीं होने के बावजूद पदोन्नति मिलने की शिकायतें सामने आई थीं।
न्यायालयीन मामलों का 1 अक्टूबर तक निराकरण
सहायक प्राध्यापकों के वरिष्ठ और प्रवर श्रेणी वेतनमान से जुड़े मामलों में हो रही देरी पर मंत्री ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर समय पर मामलों का समाधान नहीं होने के कारण शिक्षकों को न्यायालय का रुख करना पड़ रहा है।
मंत्री ने लंबित न्यायालयीन प्रकरणों और याचिकाओं का विस्तृत ब्योरा तलब करते हुए अधिकारियों को 1 अक्टूबर 2026 तक सभी विचाराधीन मामलों का शत-प्रतिशत निराकरण कर आदेश जारी करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही शिक्षकों की पीएचडी अनुमोदन प्रक्रिया की प्रगति और मंत्री कार्यालय से भेजी गई शिकायतों पर हुई कार्रवाई की जानकारी भी मांगी गई।
कॉलेजों के बजट की पूरी जानकारी देने के निर्देश
समीक्षा बैठक में वित्तीय पारदर्शिता पर भी जोर दिया गया। पिछली बैठक में मांगी गई बजट संबंधी जानकारी अधूरी मिलने पर मंत्री ने असंतोष जताया। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रत्येक शासकीय महाविद्यालय को आवंटित बजट की महाविद्यालयवार पूरी सूची तत्काल उपलब्ध कराने को कहा।
शैक्षणिक गुणवत्ता को लेकर भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए। महाविद्यालयों में पदस्थ अतिथि व्याख्याताओं के शिक्षकीय कार्यों का नियमित आकस्मिक निरीक्षण करने का निर्णय लिया गया, ताकि शिक्षण व्यवस्था की गुणवत्ता बनाए रखी जा सके।
सीट वृद्धि के लिए नया कैलेंडर लागू करने का सुझाव
छात्र-छात्राओं के हित को ध्यान में रखते हुए महाविद्यालयों में सीट वृद्धि की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए नया कैलेंडर लागू करने का सुझाव दिया गया। इसके अनुसार शासकीय और निजी महाविद्यालयों से दिसंबर तक सीट वृद्धि के प्रस्ताव मंगाए जाएंगे और जनवरी तक स्वीकृति जारी करने की व्यवस्था बनाने पर जोर दिया गया।
इससे सीट वृद्धि से संबंधित आदेशों में होने वाली त्रुटियों और देरी को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। वहीं लॉ और बीएड जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए 31 दिसंबर तक प्राप्त ऑनलाइन आवेदनों का निर्धारित समयसीमा में निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए।
4 वर्षीय बीएड को लेकर विशेष टीम दिल्ली जाएगी
बैठक में 4 वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। इसके लिए एनसीटीई दिल्ली की नैक ग्रेडिंग संबंधी शर्तों पर चर्चा करने हेतु एक विशेष टीम गठित कर दिल्ली भेजने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के अनुरूप प्रति सेक्शन 60 विद्यार्थियों के अनुपात को समायोजित करने के लिए आवश्यक तैयारियां पहले से शुरू करने को कहा गया। मंत्री ने अधिकारियों को सभी प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और उच्च शिक्षा से जुड़े मामलों में प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।