बिरगांव। नगर निगम क्षेत्र में गरीब और मजदूर परिवारों को घर के नजदीक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई हमर क्लीनिक योजना को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय पार्षद इकराम अहमद ने आरोप लगाया है कि बिरगांव में कई क्लीनिक भवन तैयार होने के बावजूद उनमें अब तक स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं हो पाई हैं।
पार्षद के मुताबिक, पूर्ववर्ती सरकार और तत्कालीन विधायक सत्यनारायण शर्मा के प्रयासों से बिरगांव क्षेत्र में 9 हमर क्लीनिक खोलने की अनुमति मिली थी। इनमें से करीब 3 क्लीनिक भवन लगभग तीन साल पहले ही तैयार हो चुके हैं, लेकिन अब तक डॉक्टर, नर्स और दवाइयों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण इनका संचालन शुरू नहीं किया गया है।
इकराम अहमद ने कहा कि गरीब और मजदूर परिवारों को अपने घर के पास मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा देने के उद्देश्य से यह योजना लाई गई थी। ऐसे में भवन तैयार होने के बाद भी इलाज की सुविधा शुरू नहीं होना जनता के लिए परेशानी का कारण है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बदलने के बाद योजना के संचालन को लेकर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई।
उन्होंने कहा कि लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए भवनों का इस्तेमाल नहीं होने से सरकारी संसाधनों का उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा है। साथ ही लंबे समय से बंद पड़े भवनों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक स्टाफ और दवाइयां उपलब्ध कराकर जल्द से जल्द सेवाएं शुरू की जानी चाहिए।
पार्षद ने विधायक और संबंधित विभाग से बिरगांव में तैयार सभी हमर क्लीनिक भवनों का तत्काल निरीक्षण कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जहां भवन तैयार हैं, वहां डॉक्टर, नर्स और आवश्यक दवाओं की व्यवस्था कर नियमित स्वास्थ्य सेवाएं शुरू की जाएं तथा खाली पड़े भवनों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए।
इकराम अहमद ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही हमर क्लीनिकों में स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं की गईं तो स्थानीय जनता के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा। हालांकि, प्रेस विज्ञप्ति में लगाए गए आरोपों पर संबंधित विभाग या प्रशासन का पक्ष सामने नहीं आया है।