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Education News: आदर्श विद्यालय टाटीबंध में संस्कृत दिवस पर श्लोक, गीत और अंताक्षरी से गूंजा परिसर

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रायपुर। आदर्श विद्यालय टाटीबंध में संस्कृत दिवस का आयोजन उत्साह और उल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने संस्कृत भाषा के प्रति अपनी रुचि और प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए गीत, अनमोल वचन और श्लोक अंताक्षरी सहित विभिन्न प्रस्तुतियां दीं। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को संस्कृत भाषा की समृद्ध परंपरा और महत्व से परिचित कराना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान शिव की स्तुति “आशुतोष शशांक शेखर, चन्द्र मौली चिदंबरा...” से हुई। इसके बाद विद्यार्थियों ने संस्कृत भाषा में कार्यक्रम का संचालन किया। प्रथम चरण में छात्र-छात्राओं ने ‘सुरस सुबोधा’ संस्कृत गीत की मधुर प्रस्तुति दी, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।

Sanskrit Activities: अनमोल वचन और श्लोक अंताक्षरी ने बढ़ाया उत्साह

कार्यक्रम के दूसरे चरण में विद्यार्थियों ने संस्कृत के विभिन्न अनमोल वचनों की प्रस्तुति दी। इन वचनों के माध्यम से जीवन में ज्ञान, अनुशासन, सदाचार और संस्कार के महत्व को सामने रखा गया।

तीसरे चरण में विद्यार्थियों ने आकर्षक श्लोक अंताक्षरी प्रस्तुत की। इस गतिविधि में बच्चों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों के दौरान पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा।

Principal’s Message: संस्कृत जीवन मूल्यों की राह दिखाती है

विद्यालय के प्राचार्य जसवीर सरकार ने संस्कृत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संस्कृत केवल एक प्राचीन भाषा नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान और संस्कृति की समृद्ध परंपरा का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने संस्कृत के अनमोल वचनों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये मनुष्य को जीवन जीने की सही दिशा और मूल्यों की सीख देते हैं।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने संस्कृत प्रतिज्ञा ली—“अहम् संस्कृतं पठिष्याम:, संस्कृतेन वदिष्याम:, संस्कृतं च रक्षिष्याम:”। इसके साथ संस्कृत दिवस समारोह का समापन हुआ।

कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य, उप प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं और सभी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। संस्कृत दिवस कार्यक्रम का आयोजन संस्कृत शिक्षक आचार्य भोजराम ज्योति के निर्देशन में किया गया।

जयतु संस्कृतम्! जयतु भारतम्! जयतु छत्तीसगढ़म्!

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