रायपुर, 6 सितंबर 2026। शिक्षक दिवस के अवसर पर बिलासपुर के एसईसीएल-डीएवी पब्लिक स्कूल, वसंत विहार में ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका शामिल हुए। इस दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया।
इंटरनेट और तकनीक का सही उपयोग जरूरी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि जीवन में समय का सदुपयोग सफलता के लिए बेहद जरूरी है। आज इंटरनेट और तकनीक के माध्यम से ज्ञान और सूचनाएं आसानी से उपलब्ध हैं। ऐसे दौर में बच्चों और युवाओं को तकनीक का सकारात्मक उपयोग करते हुए अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं के साथ विद्यार्थियों के जीवन में अनुशासन, संस्कार और अच्छे मूल्यों का होना भी आवश्यक है। तकनीक का इस्तेमाल ज्ञान बढ़ाने और व्यक्तित्व विकास के लिए किया जाना चाहिए।
आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कारों पर जोर
राज्यपाल ने भारतीय शिक्षा परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राचीन समय में गुरुकुल व्यवस्था में शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को संस्कार और जीवन मूल्यों की सीख दी जाती थी। वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में आधुनिक ज्ञान के साथ इन मूल्यों को बनाए रखना भी जरूरी है।
उन्होंने विद्यार्थियों से लगातार मेहनत और प्रयास करते रहने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि चुनौतियां जीवन का हिस्सा हैं और उनसे घबराने के बजाय उनका सामना करते हुए आगे बढ़ना चाहिए।
परिवार और शिक्षक मिलकर गढ़ते हैं समाज
राज्यपाल ने देशभक्ति और संस्कारों के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बच्चों में राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच विकसित करने में परिवार और शिक्षकों की अहम भूमिका होती है। शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे विद्यार्थियों को जागरूक नागरिक बनाने में भी योगदान देते हैं।
उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से भी सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जीवन जीने और वर्तमान समय का आनंद लेने की अपील की। साथ ही जीवन में मिले अवसरों और उपलब्धियों के प्रति संतोष एवं कृतज्ञता का भाव रखने की बात कही।
उत्कृष्ट शिक्षकों का किया गया सम्मान
‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ में शिक्षा के अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने सम्मानित शिक्षकों के समर्पण और योगदान की सराहना करते हुए उन्हें शिक्षा जगत के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
कार्यक्रम में एसईसीएल और डीएवी के बीच शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग और साझेदारी को भी महत्वपूर्ण बताया गया। आयोजन का उद्देश्य शिक्षकों के योगदान को सम्मान देना, उनके अनुभवों का आदान-प्रदान करना और शिक्षा में उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम में संभागायुक्त सुनील जैन, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसईसीएल के डायरेक्टर बिरंची दास, हिमांशु जैन, एसईसीएल के अधिकारी-कर्मचारी, डीएवी प्रबंधन, विभिन्न प्रोजेक्ट स्कूलों के प्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यार्थी और अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।