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Culture News: कबीर नगर में तीजा-पोरा तिहार की धूम, सीएम साय ने सर्व समाज भवन के लिए 50 लाख की घोषणा

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रायपुर, 6 सितंबर 2026। राजधानी रायपुर के कबीर नगर स्थित दशहरा मैदान में रविवार को मोर माटी सांस्कृतिक संगठन की ओर से तीजा-पोरा तिहार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कार्यक्रम में शामिल हुए और प्रदेशवासियों को पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि तीजा और पोरा छत्तीसगढ़ की संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और कृषि परंपराओं से गहराई से जुड़े लोकपर्व हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीजा माताओं-बहनों, परिवार और रिश्तों की आत्मीयता का पर्व है, जबकि पोरा अन्नदाता किसानों, खेती और पशुधन के सम्मान से जुड़ा त्योहार है। ऐसे पर्व केवल उत्सव तक सीमित नहीं रहते, बल्कि समाज में आपसी भाईचारा, समरसता और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव मजबूत करते हैं।

सर्व समाज भवन के लिए 50 लाख की घोषणा

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मोर माटी सांस्कृतिक संगठन की मांग पर कबीर नगर में सर्व समाज भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित किया। साथ ही तीजा पर्व के अवसर पर माताओं-बहनों को साड़ी भेंट कर उनका अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मोर माटी सांस्कृतिक संगठन द्वारा हर वर्ष तीजा-पोरा तिहार को उत्साह के साथ मनाया जाना सराहनीय है। आयोजन की खासियत इसमें सभी समाजों की सहभागिता और सामाजिक समरसता का भाव है। उन्होंने कहा कि हमारे लोकपर्व आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का काम करते हैं।

तीजा में नारी शक्ति और परिवार की खुशहाली का भाव

विष्णुदेव साय ने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को सम्मान का विशेष स्थान दिया गया है। तीजा तिहार माताओं-बहनों के त्याग, तप और परिवार के प्रति समर्पण से जुड़ा पर्व है। इस अवसर पर महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि और पति की दीर्घायु की कामना करते हुए भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना करती हैं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में एकादशी, करमा और अन्य पारंपरिक पर्वों के पीछे भी सामाजिक एवं सांस्कृतिक संदेश छिपे हैं। ये परंपराएं पूर्वजों से मिली अमूल्य विरासत हैं, जिन्हें संरक्षित कर नई पीढ़ी तक पहुंचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

किसान और महिलाओं के लिए योजनाओं का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गांव, गरीब, किसान और महिलाओं के जीवन में खुशहाली लाने के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत आवासों और निर्माण की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्रामीण परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदा जा रहा है। वहीं महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है और अब तक 31 किश्तों का भुगतान किया जा चुका है।

डिजिटल सेवाओं और सुशासन पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी प्रशासन के लिए ई-फाइल व्यवस्था लागू की गई है और सरकारी सेवाओं को तेजी से डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं। वहीं सेवा सेतु पोर्टल के जरिए विभिन्न विभागों की अनेक सेवाएं मोबाइल के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के साथ सरकार विकास और सुशासन को भी प्राथमिकता दे रही है। रामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं और बुजुर्गों को धार्मिक स्थलों की यात्रा का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है।

कार्यक्रम में विधायक मोतीलाल साहू सहित रमेश सिंह ठाकुर, भगतराम हरबंस, चंद्रशेखर शुक्ला, टेकेश्वर चंद्रा, धीरेन्द्र परगनिहा, देवा साहू, ओमप्रकाश मरावी, मनोज जोशी, मैक मिलन साहू, मोर माटी सांस्कृतिक संगठन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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