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भारत में ऑटो सेक्टर की बड़ी क्रांति: मारुति ने पेश की देश की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार वैगन-आर, पानी के भाव बिकने वाले 'एथेनॉल' से भी दौड़ेगी!

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Auto News: भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार और पर्यावरण के लिहाज से आज (4 जून 2026) का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) ने भारत की पहली मास-मार्केट फ्लेक्स-फ्यूल पैसेंजर कार 'वैगन-आर फ्लेक्स-फ्यूल' (WagonR Flex-Fuel) का प्रोडक्शन मॉडल आधिकारिक तौर पर पेश कर दिया है। दिल्ली के एक हाई-प्रोफाइल इवेंट में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी की मौजूदगी में इस क्रांतिकारी कार से पर्दा उठाया गया।

यह नई वैगन-आर देश की आम कारों से बिल्कुल जुदा है। जहां मौजूदा समय की गाड़ियां अधिकतम 20% एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (E20) पर चल सकती हैं, वहीं मारुति की यह नई तकनीक वाली वैगन-आर E20 से लेकर E85 (85% एथेनॉल और 15% पेट्रोल का मिश्रण) और यहां तक कि E100 (100% शुद्ध एथेनॉल) यानी पूरी तरह से बायो-फ्यूल पर भी आसानी से दौड़ सकती है। एथेनॉल को गन्ने के रस, मक्का और कृषि कचरे से तैयार किया जाता है, जो पेट्रोल के मुकाबले बेहद सस्ता और प्रदूषण मुक्त होता है।

इंजन में किए गए कई बड़े बदलाव

इस फ्लेक्स-फ्यूल कार में मारुति का भरोसेमंद 1.2-लीटर, 4-सिलेंडर K-सीरीज पेट्रोल इंजन दिया गया है। चूंकि एथेनॉल, पेट्रोल की तुलना में अधिक संक्षारक (Corrosive) होता है और नमी सोखता है, इसलिए इस इंजन में खास मैकेनिकल अपग्रेड किए गए हैं। इसके फ्यूल इंजेक्टर्स, फ्यूल लाइन्स, सील्स और इंजन मैनेजमेंट सिस्टम (ECU) को पूरी तरह से री-डिजाइन किया गया है। इसमें एडवांस एथेनॉल सेंसर्स भी लगाए गए हैं, जो ईंधन में एथेनॉल की मात्रा को रियल-टाइम में भांपकर इंजन की परफॉर्मेंस को खुद-ब-खुद एडजस्ट कर लेते हैं।

शुरुआत में इन्हें मिलेगी कार, पेट्रोल से काफी सस्ता होगा फ्यूल

मारुति सुजुकी ने फिलहाल इस कार की कीमतों का खुलासा नहीं किया है। शुरुआती चरण में यह कार केवल कमर्शियल खरीदारों, फ्लीट ऑपरेटर्स और ओला-उबर जैसे कैब एग्रीगेटर्स के लिए उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि इसके फीडबैक और इकोसिस्टम को परखा जा सके। एथेनॉल तकनीक की वजह से यह सामान्य पेट्रोल वेरिएंट से थोड़ी महंगी हो सकती है, लेकिन इसका ईंधन खर्च बेहद कम होगा।

लॉन्चिंग के दौरान पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक बड़ा मास्टरप्लान साझा करते हुए बताया कि सरकार साल 2027 के अंत तक देश के प्रमुख शहरों में करीब 5,000 E85/E100 ईंधन स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। शुरुआत में दिल्ली-एनसीआर और मुंबई-पुणे-नागपुर कॉरिडोर में 50 से 100 डिस्पेंसिंग स्टेशन खोले जाएंगे, जिनकी संख्या इस साल दिसंबर तक 500 की जाएगी। मंत्रियों ने भरोसा दिलाया कि जब यह ईंधन पूरी तरह उपलब्ध होगा, तो इसकी कीमत सामान्य पेट्रोल से करीब 30% तक कम होगी, जिससे सीधे तौर पर जनता के पैसे बचेंगे और कच्चे तेल के आयात पर भारत की निर्भरता कम होगी।

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