Raipur: छत्तीसगढ़ में आगामी विधानसभा चुनाव 2028 भले ही अभी समय के लिहाज से काफी दूर नजर आ रहे हों, लेकिन अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने राज्य में मुख्य विपक्षी दल के सांगठनिक ढांचे को चुस्त-दुरुस्त और मजबूत करने की दिशा में अभी से सियासी गोटियां बिछानी शुरू कर दी हैं। छत्तीसगढ़ के मौजूदा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC Chief) दीपक बैज का निर्धारित तीन वर्ष का कार्यकाल आगामी 9 जुलाई को समाप्त होने जा रहा है। कार्यकाल की समाप्ति के इस काउंटडाउन के मद्देनजर पार्टी के उच्च स्तर पर नए प्रदेशाध्यक्ष की ताजपोशी और संगठन में बड़े फेरबदल को लेकर अंदरूनी सुगबुगाहट और कयासों का दौर बेहद तेज हो गया है।
राजनीतिक गलियारों और पार्टी के विश्वसनीय सूत्रों से छनकर आ रही खबरों के अनुसार, कांग्रेस हाईकमान इस बार छत्तीसगढ़ की कमान किसी ऊर्जावान और युवा चेहरे को सौंपने के मूड में दिखाई दे रहा है। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के बाद से ही कांग्रेस राज्य में खुद को दोबारा स्थापित करने के लिए संघर्ष कर रही है, ऐसे में पार्टी को एक ऐसे आक्रामक और सर्वमान्य युवा नेतृत्व की तलाश है जो गुटबाजी से परे रहकर कार्यकर्ताओं में नया जोश फूंक सके। 'मिशन 2028' को साधने के लिए दिल्ली दरबार में छत्तीसगढ़ के कई युवा विधायकों, पूर्व मंत्रियों और तेजतर्रार नेताओं के नामों पर गंभीरता से विचार-विमर्श का दौर शुरू हो चुका है।
वर्तमान अध्यक्ष दीपक बैज के कार्यकाल की बात करें, तो उन्होंने चुनौतीपूर्ण समय में संगठन को संभाला था, लेकिन उनका कार्यकाल पूरा होने के बाद अब नए समीकरणों पर काम किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के भीतर इस समय जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को बनाए रखने की भी बड़ी चुनौती है, जिसे ध्यान में रखकर ही नए नाम पर मुहर लगाई जाएगी। जानकारों का मानना है कि मानसून सत्र से पहले या जुलाई के प्रथम सप्ताह में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी नए अध्यक्ष के नाम की आधिकारिक घोषणा कर सकती है। संगठन में होने वाला यह बदलाव राज्य की भावी सियासत और आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के लिहाज से भी बेहद निर्णायक साबित होने वाला है।