रायपुर: राजधानी रायपुर के चंडी नगर क्षेत्र में रेलवे विभाग द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य की वजह से स्थानीय निवासियों को इन दिनों भारी दिक्कतों और प्रशासनिक घोर लापरवाही का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे की भारी मशीनों और अधोसंरचनात्मक काम के चलते इस पूरे रिहायशी इलाके की मुख्य कनेक्टिविटी पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। जनसमस्या की गंभीरता को देखते हुए नगर पालिक निगम रायपुर के जोन क्रमांक 09 के अध्यक्ष गोपेश साहू आज अपनी टीम के साथ चंडी नगर पहुंचे। उन्होंने जमीनी स्तर पर प्रभावित सड़कों, गलियों और निर्माण स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया तथा स्थानीय नागरिकों से मुलाकात कर उनकी तकलीफों को सुना।
स्थानीय निवासियों और चंडी नगर के प्रभावित परिवारों ने बताया कि क्षेत्र में चल रहे रेलवे के बड़े प्रोजेक्ट के कारण मुख्य आवागमन मार्ग पूरी तरह से बाधित और ब्लॉक हो चुका है। रही-सही कसर गुरुवार को हुई हल्की मानसूनी बारिश ने पूरी कर दी। बारिश का पानी रेलवे निर्माण के मलबे और खोदी गई मिट्टी में मिल जाने के कारण पूरा इलाका गहरे कीचड़ और दलदल में तब्दील हो चुका है। स्थिति इतनी विकट हो गई है कि चंडी नगर के लगभग 150 मध्यमवर्गीय परिवारों का संपर्क मुख्य शहर से पूरी तरह कट गया है और लोगों के लिए अपने घरों से बाहर निकलना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है।
रास्ते की बदहाली का सबसे बुरा असर छोटे स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों और दैनिक मजदूरी व नौकरी के लिए रोज बाहर जाने वाले कामकाजी नागरिकों पर पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि सड़क अब पैदल चलने योग्य भी नहीं बची है, जिससे आए दिन लोग फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। गोपेश साहू ने मौके पर मौजूद रेलवे के ठेकेदारों और स्थानीय प्रशासनिक अमले को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि विकास कार्य अपनी जगह जरूरी हैं, लेकिन किसी भी निर्माण परियोजना के कारण सालों से रह रहे नागरिकों के मौलिक अधिकारों और आवागमन के रास्तों को इस तरह बंधक नहीं बनाया जा सकता।
चंडी नगर के आक्रोशित क्षेत्रवासियों ने शासन-प्रशासन, नगर निगम और रेलवे विभाग के उच्च अधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि इस गंभीर समस्या का अतिशीघ्र तकनीकी समाधान निकाला जाए। नागरिकों का कहना है कि जब तक मुख्य मार्ग का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक के लिए अविलंब एक सुव्यवस्थित वैकल्पिक मार्ग (डाइवर्जन रोड) तैयार किया जाए और जलभराव रोकने के लिए मुरम डलवाई जाए। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन और रेलवे ने आगामी दो-तीन दिनों के भीतर उचित व्यवस्था नहीं की, तो आने वाले दिनों में भारी बारिश के दौरान स्थिति और भी जानलेवा हो सकती है, जिसके विरोध में वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।