रायपुर/कांकेर, 7 अगस्त। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के ग्राम लारगांव मरकाटोला में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। गांव के प्राथमिक/माध्यमिक स्कूल में बाउंड्रीवॉल (चारदीवारी) न होने और इलाके में जंगली जानवरों के लगातार मंडराते खतरे से नाराज ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया और परिसर के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षा घेरा न होने के कारण स्कूल में पढ़ने वाले मासूम बच्चों की जान हमेशा खतरे में बनी रहती है।
ग्रामीणों के इस उग्र कदम के पीछे दो दिन पूर्व घटी एक अत्यंत दर्दनाक घटना है, जिसने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया था। गांव में अचानक हुए भालू के हमले में दो मासूम भाई-बहन की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। इस हृदयविदारक हादसे के बाद से पूरे मरकाटोला और आसपास के अंचल में मातम, दहशत और गहरा रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग और शासन-प्रशासन को बार-बार क्षेत्र में जंगली जानवरों की आवाजाही और बाउंड्रीवॉल निर्माण की सुध लेने की मांग की गई थी, लेकिन लगातार अनदेखी की गई।
स्कूल में तालाबंदी और ग्रामीणों के धरने की सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग और राजस्व व वन विभाग के प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों द्वारा आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराने और जल्द से जल्द स्कूल परिसर में बाउंड्रीवॉल निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया जा रहा है। हालांकि, ग्रामीण स्पष्ट रुख अपनाए हुए हैं कि जब तक निर्माण कार्य धरातल पर शुरू नहीं होता और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाते, तब तक वे अपना प्रदर्शन समाप्त नहीं करेंगे।