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जगदलपुर, 7 अगस्त। बस्तर अंचल में सरकारी नौकरी पाने की चाहत अब शातिर ठगों के लिए अवैध कमाई का जरिया बन गई है। पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 के बीते सात महीनों में ही बस्तर क्षेत्र में नौकरी का झांसा देकर धोखाधड़ी करने के कुल 38 मामले सामने आ चुके हैं। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ठगों ने बेरोजगार युवाओं से क्लर्क, चपरासी, शिक्षक और मेडिकल क्षेत्र जैसे विभिन्न विभागों में सीधी भर्ती का झूठा सपना दिखाकर करीब साढ़े छह करोड़ रुपये (£6.5 करोड़) ऐंठ लिए हैं।

साइबर और स्थानीय पुलिस ने इस बड़े फर्जीवाड़े पर कड़ा रुख अपनाते हुए ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। पुलिस ने इन मामलों की जांच के बाद अब तक 27 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बस्तर पुलिस अब केवल आरोपियों की धरपकड़ तक सीमित नहीं है, बल्कि ठगी गई राशि की कुर्की और जब्ती की प्रक्रिया तेज कर पीड़ितों के पैसे वापस कराने पर भी विशेष जोर दे रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित गिरोह का काम है जो युवाओं की मजबूरी का फायदा उठा रहा था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए बस्तर पुलिस प्रशासन ने आम जनता और युवाओं के लिए अलर्ट जारी किया है। पुलिस ने अपील की है कि किसी भी विभाग में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर पैसा मांगने वाले बिचौलियों या फर्जी एजेंसियों के झांसे में न आएं। किसी भी तरह के जॉब ऑफर पर भरोसा करने से पहले संबंधित शासकीय विभाग या आधिकारिक पोर्टल से उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। इसके अलावा, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।

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